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कोरबा में शुरू हुआ महिला स्व सहायता समूहों द्वारा रेडी टू ईट उत्पादन, फरवरी से 18 हजार हितग्राही होंगे लाभान्वित

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कोरबा, 28 जनवरी (वेदांत समाचार)। तमाम अड़चनों, शिकायतों और लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार आकांक्षी जिला कोरबा में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट (पूरक पोषण आहार) उत्पादन की शुरुआत हो गई है। साय सरकार द्वारा चुनाव पूर्व किए गए वादे और “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारते हुए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत यह पहल शुरू की गई है। पायलट प्रोजेक्ट में शामिल कोरबा जिले की कोरबा ग्रामीण परियोजना में चयनित महिला स्व सहायता समूह द्वारा स्वचलित मशीन से रेडी टू ईट का उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चयनित सफुरा माता स्व सहायता समूह सलिहाभांठा द्वारा मानव स्पर्श रहित स्वचलित मशीन से निर्धारित मानकों के अनुरूप रेडी टू ईट का निर्माण किया जा रहा है। फरवरी माह से कोरबा ग्रामीण परियोजना के 12 सेक्टरों में संचालित 348 आंगनबाड़ी केंद्रों के लगभग 18 हजार हितग्राही, जिनमें नौनिहाल बच्चे, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाएं तथा किशोरी बालिकाएं शामिल हैं, इस योजना से लाभान्वित होंगे। मार्च माह से कोरबा शहरी, करतला, पाली और पोंडी उपरोड़ा परियोजनाओं में भी महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादन एवं वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग वर्षों से 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व शिशुवती महिलाओं तथा किशोरियों के पोषण के लिए पूरक पोषण आहार कार्यक्रम संचालित करता रहा है। पूर्व में स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट का निर्माण और वितरण किया जाता था, लेकिन वर्ष 2022 में राज्य शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए यह कार्य राज्य बीज निगम की स्वचलित इकाइयों को सौंप दिया गया था। इससे प्रदेशभर में हजारों महिला स्व सहायता समूहों की आजीविका प्रभावित हुई थी।

सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने चरणबद्ध रूप से रेडी टू ईट का दायित्व पुनः स्थानीय सक्षम महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जनवरी 2025 में छह जिलों सहित कोरबा में भी रेडी टू ईट के निर्माण एवं वितरण का कार्य फर्म एवं सोसायटी के तहत पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद समूहों के चयन, प्रशिक्षण, स्वचलित मशीन की स्थापना और खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से सैंपल स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की गई

कोरबा जिले में वर्तमान में 10 परियोजनाओं के अंतर्गत 2602 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 25 हजार हितग्राही लाभान्वित होते हैं। आने वाले समय में सभी परियोजनाओं में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट एवं फोर्टिफाइड आटा का उत्पादन और वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। कुछ परियोजनाओं में चयन प्रक्रिया में देरी के कारण उत्पादन शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज ने बताया कि फरवरी माह से कोरबा ग्रामीण परियोजना में रेडी टू ईट वितरण की शुरुआत हो जाएगी, जबकि मार्च तक कोरबा शहरी, करतला, पाली और पोंडी उपरोड़ा परियोजनाएं भी उत्पादन में आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेडी टू ईट पूरी तरह मानव स्पर्श रहित स्वचलित मशीन से तैयार किया जा रहा है और वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।

इस पहल से न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों के हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पोषण आहार मिलेगा, बल्कि महिला स्व सहायता समूहों को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अवसर प्राप्त होगा।

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