चंडीगढ़, 28 जनवरी 2026। वर्टिकली इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एसएईएल) ने गुजरात के खावड़ा स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में 1 जीडब्लूपी (800 मेगावाट) क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही एसएईएल समूह की कुल परिचालन रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2 जीडब्लूपी के पार पहुंच गई है।
यह सोलर परियोजना एसएईएल की सहायक कंपनियों एसएईएल सोलर पी4 प्राइवेट लिमिटेड और एसएईएल सोलर पी5 प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से स्थापित की गई है। दोनों कंपनियों की क्षमता 500 एमडब्लूपी (400 मेगावाट) प्रत्येक है। परियोजनाएं भारत की पश्चिमी सीमा के समीप लगभग 3,600 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई हैं और गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) के साथ किए गए 25 वर्षों के दीर्घकालिक पॉवर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) से समर्थित हैं, जिससे लंबे समय तक आय में स्थिरता सुनिश्चित होगी।
इन सोलर परियोजनाओं में 15 लाख से अधिक टॉपकॉन बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मॉड्यूल पंजाब और राजस्थान स्थित एसएईएल की सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में तैयार किए गए हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देने के साथ-साथ देश में स्वदेशी सोलर उत्पादन को बढ़ावा देते हैं।
एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री लक्षित आवला ने कहा कि खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके तहत भारत को वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात की चुनौतीपूर्ण भूमि को बड़े स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में बदलना न केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि हरित रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और 2030 तक भारत के गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एसएईएल अपनी उन्नत तकनीकों के जरिए देश की सोलर महत्वाकांक्षाओं को निरंतर समर्थन देता रहेगा।
खावड़ा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। यहां की मिट्टी खारी है और बारिश के मौसम में कई हिस्सों में एक मीटर तक पानी भर जाता है। इसके बावजूद एसएईएल ने अपनी मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता और परियोजना क्रियान्वयन दक्षता के दम पर इस विशाल सोलर प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
एसएईएल सोलर पी4 और पी5 प्राइवेट लिमिटेड के संचालन में आने से कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी वैल्यू चेन और अधिक सशक्त हुई है। इससे पहले नवंबर 2025 में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (येइडा) ने एसएईएल को 200 एकड़ भूमि आवंटित की थी, जहां 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल की एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और सोलर आयात पर देश की निर्भरता में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
कुल मिलाकर, खावड़ा में 1 जीडब्लूपी सोलर प्रोजेक्ट की शुरुआत के साथ एसएईएल ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है।



