रायगढ़, 22 जनवरी (वेदांत समाचार)। जिले के धान उपार्जन केंद्र तमनार में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितता का मामला सामने आने पर जिला प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार में धान खरीदी की डाटा एंट्री में गड़बड़ी पाए जाने पर डाटा एंट्री ऑपरेटर अमित साय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं खरीदी केंद्र के फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण धान खरीदी कार्य से पृथक कर दिया गया है।
मामला 19 जनवरी 2026 का है, जब कृषक चन्द्रमणी, पिता हरीशचंद्र, निवासी झिंकाबहाल, धान विक्रय के लिए तमनार उपार्जन केंद्र पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच के दौरान 85 बोरी धान अमानक पाए जाने पर उन्हें अलग कर दिया गया, जबकि शेष मानक धान को ढालकर नमी मापन के बाद बोरी में भरकर वजन कराया गया। जांच में कुल 383 बोरी धान मानक पाई गई, जिसे खरीदी योग्य माना गया।
बाद में समिति द्वारा संधारित रजिस्टर और कंप्यूटर प्रविष्टियों की जांच करने पर चौंकाने वाली गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा कृषक के नाम पर 662 बोरी धान की खरीदी दर्ज कर दी गई, जबकि वास्तविक रूप से केवल 383 बोरी धान की ही खरीदी हुई थी। इस तरह 279 बोरी धान की फर्जी खरीदी दर्ज किए जाने का मामला उजागर हुआ।
जिला प्रशासन ने इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर अमित साय को निलंबित कर दिया है। वहीं फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को धान खरीदी कार्य से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की लापरवाही और फर्जीवाड़े को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी कड़ी निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
