0.आवारा श्वानों के बधियाकरण व टीकाकरण अभियान की शुरुआत, प्रतिमाह 500 श्वानों का लक्ष्य
जगदलपुर 10 मई 2026। शहर में आवारा श्वानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से नगर निगम जगदलपुर ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की शुरुआत की है। महाराणा प्रताप वार्ड स्थित एसएलआरएम डोंगरी सेंटर के पास महापौर संजय पांडेय ने विधिवत श्वान पूजन कर, उन्हें दूध व आहार खिलाकर एबीसी सेंटर का शुभारंभ किया। इस दौरान एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, निगम अधिकारी एवं पशु प्रेमी संस्थाओं के सदस्य मौजूद रहे।
नगर निगम को लगातार आवारा श्वानों से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद महापौर ने पशु प्रेमियों और पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से अभियान को गति दी। निगम प्रशासन ने अलग-अलग समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां तय की हैं, जो बधियाकरण कार्य का संचालन कर रही संस्था “स्नेह एनीमल वेलफेयर सोसायटी” के कार्यों की निगरानी भी करेगी।
धरमपुरा क्षेत्र से पकड़े गए 22 आवारा श्वानों को एबीसी सेंटर में रखा गया है। यहां डॉ. विवेक सांगवान, डॉ. विनीत यादव और उनकी टीम द्वारा श्वानों का बधियाकरण, डी-वार्मिंग और रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। उपचार के बाद तीन दिनों तक पोस्ट केयर में रखकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था।
नगर निगम ने बताया कि आने वाले समय में शहर के विभिन्न वार्डों में चरणबद्ध तरीके से यह अभियान चलाया जाएगा। प्रतिमाह 500 श्वानों के बधियाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के तहत निकाले गए जैविक अवशेषों का वैज्ञानिक पद्धति से निष्पादन किया जाएगा।
अभियान में पशु प्रेमी संस्था “स्ट्रे सेफ फाउंडेशन” का भी सक्रिय सहयोग मिल रहा है। संस्था के लुप्तेश जगत, मानसी गुप्ता, पूजा सिंह, अभिषेक मिश्रा और रुपाली परोई को निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है, ताकि श्वानों को पकड़ने और देखभाल के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में मौजूद आवारा श्वानों की जानकारी टोल फ्री नंबर 1100, स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत श्रीवास (9425266016) एवं लुप्तेश जगत (9770102327) को दें, ताकि श्वानों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से उपचार व बधियाकरण किया जा सके।
महापौर संजय पांडेय ने कहा कि नगर निगम द्वारा शुरू किया गया एबीसी अभियान शहर में आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी मददगार साबित होगा। उन्होंने शहरवासियों और पशु प्रेमियों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।

