महासमुंद, 18 जनवरी (वेदांत समाचार)। जिले की तुमगांव थाना पुलिस ने करीब एक साल से लंबित अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी 2025 में लापता हुई महिला का जला हुआ शव अप्रैल 2025 में कोडार डेम के सागौन जंगल में मिला था। वैज्ञानिक पद्धति से जांच, डाटा के सूक्ष्म विश्लेषण और मजबूत फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को देवदास चेलक द्वारा सूचना दी गई थी कि उलट कोडार डेम के जंगल में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत और जला हुआ शव पड़ा है। सूचना पर थाना तुमगांव में अपराध क्रमांक 82/25 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। डीएनए परीक्षण के बाद मृतिका की पहचान सुनीता रजक (55 वर्ष), निवासी धमतरी के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि वह अपनी बड़ी बहन के घर ग्राम पटेवा मड़ई मेला देखने आई थी और 30 जनवरी 2025 को पटेवा से महासमुंद जाने के लिए एक अज्ञात व्यक्ति से मोटरसाइकिल में लिफ्ट लेकर निकली थी, जिसके बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
जांच के दौरान संदेही सूरज ध्रुव पिता हृदय ध्रुव, निवासी ग्राम खुंटेरी थाना खल्लारी से पूछताछ की गई, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2018 में अपनी पत्नी की हत्या के मामले में दिसंबर 2024 तक जेल में सजा काट चुका है। जेल से रिहा होने के बाद वह अपने बहन-जीजा के घर ग्राम कौंवाझर में रह रहा था और जीजा की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (सीजी 06 जीए 3140) का उपयोग करता था।
आरोपी ने बताया कि 30 जनवरी 2025 को वह पटेवा गया था, जहां नंदी चौक के पास मृतिका ने लिफ्ट मांगी। आरोपी ने उसे महासमुंद छोड़ने और कोडार डेम घुमाने का झांसा दिया। बाद में काम दिलाने और साथ रखने का लालच देकर उसे अपने जीजा के घर के पीछे वर्षों से बंद पड़े मकान में लगभग डेढ़ माह तक रखा। जब महिला बार-बार घर छोड़ने की जिद करने लगी और विवाद करने लगी, तब आरोपी के मन में लालच आ गया और उसने गहने लूटने की नीयत से हत्या की योजना बनाई।
मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में आरोपी महिला को रिश्तेदार के यहां छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर कोडार डेम की ओर ले गया। सुनसान जंगल में मोटरसाइकिल खराब होने का बहाना बनाकर उसने साड़ी से गला दबाकर महिला की हत्या कर दी। इसके बाद महिला के सोने-चांदी के गहने लूट लिए और पहचान छुपाने के लिए शव पर कपड़े, सूखे पत्ते और लकड़ी डालकर जला दिया। महिला के बैग, सैंडल, दवाइयां और अन्य सामान भी अलग स्थान पर जला दिए गए।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतिका के दो नग सोने के टॉप्स, एक नग सोने का झुमका, दो नग चांदी की पायल, छह नग चांदी की बिछिया तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को बरामद किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी सूरज ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी तुमगांव निरीक्षक दिनेश कुमार यादव, निरीक्षक विनोद कश्यप (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक आबिद खान, आरक्षक कीर्तन सिन्हा, फलेश वर्मा, कमलेश निर्मलकर, महेन्द्र क्षत्रिय, मोनू नामदेव तथा महिला आरक्षक तृष्णा मारकण्डेय का विशेष योगदान रहा।



