कोरबा,09 जनवरी(वेदांत समाचार)। हरदीबाजार एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की रडार पर आ गया है। एसईसीएल क्षेत्र के चर्चित मलगांव मुआवजा प्रकरण में सीबीआई की टीम ने बुधवार सुबह अचानक दबिश देकर जांच तेज कर दी। इस कार्रवाई से कथित रूप से मुआवजा घोटाले में शामिल सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम हरदीबाजार थाना क्षेत्र पहुंची और मामले से जुड़े अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। यह मामला एसईसीएल से कथित तौर पर गलत तरीके से मुआवजा राशि स्वीकृत कराने और उसके आहरण से जुड़ा हुआ है।
बताया जा रहा है कि मलगांव मुआवजा प्रकरण की जांच पिछले लगभग एक वर्ष से चल रही थी, लेकिन बुधवार को हुई अचानक कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि सीबीआई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
प्रकरण की शुरुआत से ही इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि राजस्व विभाग और एसईसीएल के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्र व्यक्तियों को भूमि का स्वामी दर्शाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा भुगतान किया गया।
सीबीआई अब उन बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर अवैध राशि का वितरण किया गया। एजेंसी की सक्रियता से कोयलांचल क्षेत्र में अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वाले गिरोह में खलबली मची हुई है।
सूत्रों का कहना है कि जांच की आंच कई सफेदपोशों और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकती है। फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में कुछ अहम गिरफ्तारियों और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।




