Vedant Samachar

जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय…

Vedant Samachar
3 Min Read

नई दिल्ली ,09 जनवरी । दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी से जुड़े कथित घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश भी दिया है।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि तत्कालीन रेल मंत्री के तौर पर लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया और आपराधिक साजिश के तहत नियुक्तियां की गईं। अदालत के अनुसार, यादव परिवार ने रेल अधिकारियों और करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीनें हासिल कीं।

इस मामले में अदालत ने 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जबकि 52 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। बरी किए गए लोगों में कुछ रेल अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीआई की चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम थे, जिनमें से पांच की मृत्यु हो चुकी है।

अधिवक्ता अजाज अहमद ने बताया कि सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। औपचारिक रूप से आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले 19 दिसंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि आरोप तय करने से संबंधित आदेश 9 जनवरी को सुनाया जाएगा। सीबीआई ने अदालत में एक सत्यापन रिपोर्ट भी दाखिल की थी, जिसमें बताया गया था कि चार्जशीट में नामित पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। उस दौरान पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर ज़ोन में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां नियमों को दरकिनार कर की गईं। एजेंसी का आरोप है कि जिन लोगों को नौकरियां दी गईं, उन्होंने इसके बदले लालू यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर जमीन उपहार में दी या ट्रांसफर की। सीबीआई का दावा है कि इन सौदों में बेनामी संपत्तियां भी शामिल थीं, जो आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के दायरे में आती हैं।

Share This Article