रायपुर, 09 जनवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय रायपुर में राज्य स्तरीय 356वीं एवं रायपुर जिले की 172वीं जनसुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न मामलों पर विचार कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा भी उपस्थित रहीं।
एक प्रकरण में पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही महिला के बैंक लोन मामले की सुनवाई हुई। आवेदिका ने बताया कि उसके पति ने वर्ष 2015-16 में व्यवसाय के लिए लोन लिया था, लेकिन 2022 में पति के निधन के बाद वह राशि चुका नहीं सकी। दो बच्चों, सास और लकवा ग्रस्त ससुर की जिम्मेदारी निभा रही आवेदिका का मकान बैंक के पास गिरवी है। आयोग ने बैंक को निर्देश दिया कि आवेदिका की स्थिति को देखते हुए मूलधन में छूट के प्रयास किए जाएं। दोनों पक्षों को दो माह का समय दिया गया।
दूसरे मामले में मई 2025 में हुए दूसरे विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद सामने आया। आवेदिका साथ रहने को तैयार है, जबकि अनावेदक ने एकमुश्त भरण-पोषण देकर तलाक का प्रस्ताव रखा। आयोग ने अनावेदक को अपने माता-पिता के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में नौकरी दिलाने के नाम पर चार महिलाओं से करीब 31 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए अनावेदिका के खिलाफ धोखाधड़ी का आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए और प्रकरण को थाना सारागांव, जिला जांजगीर-चांपा भेजा गया।



