बिलासपुर,08 जनवरी (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में फैमिली कोर्ट की भूमिका को लेकर एक अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि फैमिली कोर्ट की जिम्मेदारी केवल मुकदमों का निपटारा करना नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को वास्तविक और प्रभावी न्याय दिलाना है।
मामला जांजगीर-चांपा स्थित फैमिली कोर्ट से जुड़ा है, जहां पति-पत्नी के बीच तलाक का मामला लंबे समय से लंबित था। सुनवाई के दौरान पत्नी ने अदालत को मौखिक रूप से बताया था कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है, वकील रखने में असमर्थ है और ओडिशा से बार-बार जांजगीर आना उसके लिए संभव नहीं है।
इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने महिला को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जाने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। जब महिला वहां नहीं पहुंच सकी, तो अदालत ने उसे एकपक्षीय घोषित करते हुए पति के पक्ष में तलाक की डिक्री पारित कर दी। इस आदेश को महिला ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं।
मौखिक आग्रह भी पर्याप्त
कोर्ट ने कहा कि कानूनी सहायता के लिए लिखित आवेदन जरूरी नहीं है। यदि कोई पक्षकार, विशेषकर महिला या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति, मौखिक रूप से भी असमर्थता जताता है तो अदालत का कर्तव्य है कि उसे तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराए।
अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद पक्षकार को वकील न देना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
नियम 14 का उल्लेख
कोर्ट ने ‘छत्तीसगढ़ फैमिली कोर्ट नियम, 2007’ के नियम 14 का हवाला देते हुए कहा कि हर फैमिली कोर्ट को वकीलों का एक पैनल बनाकर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कानूनी सहायता दी जा सके।
सभी फैमिली कोर्ट के लिए नई गाइडलाइन
हाईकोर्ट ने एकपक्षीय तलाक के आदेश को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश की सभी फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर वकीलों का पैनल गठित करें। अब अदालतें केवल विधिक सेवा प्राधिकरण पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंद पक्षकारों को कानूनी मदद सुनिश्चित करेंगी।
इस फैसले को महिलाओं और कमजोर वर्ग के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



