रायपुर, 06 जनवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को सेंट्रल जेल रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। कवासी लखमा वर्तमान में लगभग 3200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। इस दौरान भूपेश बघेल के साथ कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि बेटे चैतन्य बघेल को हाल ही में जमानत मिलने के बाद भूपेश बघेल की यह पहली बड़ी सार्वजनिक गतिविधि है। इसी क्रम में वे आज जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मिले, जिसे राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल (2019 से 2022) के दौरान छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार से जुड़ा यह बड़ा घोटाला सामने आया था। आरोप है कि लाइसेंसी शराब दुकानों में डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची गई, जिससे राज्य सरकार के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, अवैध शराब को स्कैनिंग और ट्रैकिंग सिस्टम से बचाने के लिए नकली होलोग्राम का इस्तेमाल किया गया था, ताकि वह सरकारी निगरानी में न आ सके। जांच में सामने आया कि इस घोटाले से जुड़े लोगों ने होलोग्राम बनाने का टेंडर उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया, जबकि यह कंपनी तय मानकों के अनुसार पात्र नहीं थी। इसके बावजूद नियमों में संशोधन कर टेंडर उसी कंपनी को दिया गया।
ईडी के मुताबिक, इस पूरे शराब घोटाले में अब तक करीब 3,074 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का अनुमान लगाया गया है। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि इस राशि में से चैतन्य बघेल को अपने हिस्से के तौर पर लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये मिले। हाई-लेवल सुरक्षा, प्रशासनिक हस्तक्षेप और शराब नीति में किए गए बदलावों के कारण यह अवैध गतिविधि लंबे समय तक चलती रही।
ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे इसमें शामिल रकम 3,005 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है। मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जांच चल रही है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



