Vedant Samachar

कोल इंडिया में अधिकारियों की ग्रेच्युटी लिमिट बढ़कर 25 लाख रुपये, आदेश जारी

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कोरबा,06 जनवरी (वेदांत समाचार)। कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने अधिकारियों और गैर-संघीकृत पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत देते हुए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। इस संबंध में कोल इंडिया प्रबंधन ने सोमवार को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नए साल की शुरुआत में लिए गए इस फैसले से कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों में खुशी का माहौल है।

कोल इंडिया के नीति प्रकोष्ठ के अंतर्गत मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक की ओर से जारी आदेश के अनुसार संशोधित ग्रेच्युटी सीमा 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी। देश में बताया गया है कि यह निर्णय डीपीई वेतन पुनरीक्षण दिशानिर्देश-2017 के क्रियान्वयन के तहत लिया गया है। कंपनी प्रावधानों के अनुसार 1 अक्टूबर 2025 को औद्योगिक महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से बढ़कर 51.8 प्रतिशत हो जाने के कारण ग्रेच्युटी सीमा में 25 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान लागू किया गया है

आदेश के तहत अब कोल इंडिया लिमिटेड र उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों एवं गैर-संघीकृत पर्यवेक्षकों को बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा का लाभ मिलेगा। इससे पहले ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दिया गया है।

इस आदेश के जारी होने के बाद कोल इंडिया के कर्मचारियों के बीच भी ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की जा चुकी है, ऐसे में कोयला कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर लाभ मिलना चाहिए। इसे लेकर श्रमिक संगठनों द्वारा पूर्व में कोल इंडिया प्रबंधन को पत्र भी लिखा जा चुका है।

इसी आदेश के साथ कोल इंडिया प्रबंधन ने अधिकारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस और लीज किराया भत्ते की अधिकतम सीमा में भी संशोधन किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। इसके तहत एचआरए और लीज किराया भत्ता केवल मूल वेतन के आधार पर देय होगा। कंपनी द्वारा शहरों को एक्स, वाई और जेड श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। एक्स श्रेणी के शहरों में एचआरए मूल वेतन का 30 प्रतिशत और लीज किराया 37.5 प्रतिशत, वाई श्रेणी में एचआरए 20 प्रतिशत और लीज किराया 25 प्रतिशत तथा जेड श्रेणी के शहरों में एचआरए 10 प्रतिशत और लीज किराया 12.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

इस निर्णय से एसईसीएल सहित कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में कार्यरत 15 हजार से अधिक अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

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