नई दिल्ली,31 दिसंबर : भारतीय क्रिकेट टीम आज दुनिया की नंबर-1 टीम है, जो टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में अपना दबदबा कायम रखती है. लेकिन 25 साल पहले, यानी 2000 के आसपास स्थिति बिल्कुल अलग थी. तब टीम विदेशी सरजमीं पर संघर्ष करती थी और बड़े टूर्नामेंटों में लगातार सफलता नहीं मिल रही थी. पिछले 25 सालों (2000 से 2025 तक) में भारतीय क्रिकेट ने जो सफर तय किया है, वह काफी रोमांचक है. इस दौरान टीम ने कई आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं, विदेशों में ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज कीं और रैंकिंग में टॉप पर पहुंची. सौरव गांगुली की आक्रामक कप्तानी से शुरुआत होकर एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा तक, हर कप्तान ने टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया.
टेस्ट क्रिकेट में विदेशी धरती पर किया किला फतह
2000 से पहले भारतीय टीम विदेशों में टेस्ट सीरीज जीतने में संघर्ष करती थी. लेकिन गांगुली की कप्तानी में 2001 में कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत ने नया दौर शुरू किया. इस मैच में टीम इंडिया ने फॉलोऑन के बाद वापसी करते हुए बाजी मारी. इसके बाद टीम ने विदेशों में कई यादगार सीरीज जीतीं.
भारतीय टेस्ट टीम को साल 2007, 2021 और 2025 में इंग्लैंड में सफलता मिली. इस दौरान टीम इंडिया ने एक सीरीज जीती और 2 बार ड्रॉ करवाने में कामयाब रही. इसके साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीतें हासिल कीं. 2018-19 और 2020-21 में विराट कोहली और फिर अजिंक्या रहाणे की कप्तानी में भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी लगातार दो बार जीती. यह भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीत थी. 2021 में तो चोटों से जूझती टीम ने इतिहास रचा था.
इसके साथ-साथ धोनी और कोहली के समय भारत लंबे समय तक नंबर-1 रहा. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के दोनों फाइनल (2021 और 2023) में पहुंचा, हालांकि जीत नहीं मिली. वहीं, पाकिस्तान (2004), वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में भी अहम टेस्ट मैच जीते. इस दौरान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों से लेकर जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन तक ने टेस्ट क्रिकेट को नई पहचान दी.
वनडे में ICC ट्रॉफियों का स्वर्णिम दौर
वनडे में 2000 से 2025 तक भारत ने सबसे ज्यादा सफलता हासिल की. इस दौरान में कई आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं और बाइलेटरल सीरीजमें दबदबा बनाया. 2002 में भारत ने पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती. इस दौरान वह श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता रहे. वहीं, साल 2011 में घरेलू सरजमीं पर एमएस धोनी की कप्तानी में दूसरा वनडे वर्ल्ड कप जीता. भारत अपने घर पर वनडे वर्ल्ड जीतने वाली पहली टीम भी बनी और सचिन के करियर का सपना पूरा हुआ.
इसके बाद 2013 चैंपियंस ट्रॉफी ने भारत ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. इंग्लैंड में धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने खिताब अपने नाम किया. इसके बाद 2025 चैंपियंस ट्रॉफी भी टीम इंडिया के नाम रही. टीम इंडिया ने रोहित शर्मा की कप्तानी में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीता, जो भारतीय टीम के लिए 12 साल बाद कोई आईसीसी वनडे ट्रॉफी थी. इसके साथ-साथ 2003 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल भी खेले, हालांकि खिताब नहीं जीत सके.
2 बार टी20 वर्ल्ड कप का जीता खिताब
टी20 फॉर्मेट 2006 में शुरू हुआ और भारत ने इसमें शुरुआत से ही कमाल दिखाया. टीम इंडिया ने युवा एमएस धोनी की कप्तानी में पाकिस्तान को हराकर पहला टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. जो इस टूर्नामेंट का पहला ही एडिशन भी था. इसके बाद 2024 में रोहित शर्मा की अगुवाई में साउथ अफ्रीका को हराकर भारतीय टीम ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. इस दौरान धोनी सबसे सफल कप्तान बने, जिन्होंने तीनों बड़े आईसीसी वनडे/टी20 टूर्नामेंट जीते.
25 सालों में जीते इतने खिताब
पिछले 25 सालों में भारत ने 6 आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं, जिसमें 1 वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप, 3 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल रहीं. वहीं, विदेशी सीरीज जीतों ने टीम को मजबूत बनाया, जबकि घर में अजेय रहना रिकॉर्ड रहा. इस दौरान सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों से लेकर विराट कोहली के आक्रामक युग और रोहित की कप्तानी तक, हर दौर ने नई मिसाल कायम की. आज टीम इंडिया न केवल खेलती है, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट पर राज करती है. यह सब 25 साल की मेहनत का नतीजा है. फ्यूचर में और भी ऊंचाइयां छूने की उम्मीद है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट का यह सफर अभी रुका नहीं है, बल्कि और तेजी से बढ़ रहा है.



