मुंगेली,30 दिसंबर (वेदांत समाचार)। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने और पुलिस विवेचना को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुंगेली पुलिस द्वारा एक दिवसीय साइबर फॉरेंसिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला दिनांक 29 दिसंबर 2025 को रक्षित केंद्र मुंगेली के मीटिंग कक्ष में संपन्न हुई, जिसका आयोजन पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के निर्देशन में किया गया।
डिजिटल युग में अपराधों के स्वरूप में हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण और उनके विधिक उपयोग के संबंध में विशेषज्ञ बनाना रहा। कार्यशाला में राज्य न्यायिक प्रयोगशाला रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विक्रांत सिंह ठाकुर द्वारा साइबर फॉरेंसिक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
डॉ. ठाकुर ने प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक डेटा संग्रह, सोशल मीडिया एनालिसिस एवं मॉनिटरिंग, मोबाइल फॉरेंसिक तथा आईटी एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि किसी भी साइबर या अन्य अपराध में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और सही प्रक्रिया के तहत साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
कार्यशाला में साइबर अपराधों की जांच एवं विवेचना की संपूर्ण प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संग्रहण, साइबर फॉरेंसिक तकनीकों, नवीनतम उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराधियों की पहचान, उनकी कार्यप्रणाली को समझने तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के संबंध में भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधों से संबंधित कानूनों, नियमों और विभिन्न सरकारी पोर्टलों की जानकारी भी दी गई, जिससे विवेचना के दौरान तकनीकी और कानूनी दोनों पहलुओं को मजबूती मिल सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी तथा मुंगेली जिले के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विवेचक उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से मुंगेली पुलिस को साइबर अपराधों के खिलाफ और अधिक सक्षम व तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



