Vedant Samachar

कल से अगले 3 दिन आंदोलन पर रहेंगे नर्सिंग स्टॉफ, प्रदेश भर में प्रभावित हो सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं

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रायपुर ,28 दिसंबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालयों में 29, 30 और 31 दिसंबर को होने वाले निश्चितकालीन आंदोलन के लिए फॉर्म भर दिए हैं। यानी कल से अगले 3 दिन तक नर्सिंग स्टाफ आंदोलन पर रहेंगे।

यह संघ के चरणबद्ध आंदोलन का चौथा चरण है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 3 दिन के आंदोलन के बाद भी शासन ने मुख्य मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। जिससे अस्पतालों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित होगा।

अति आवश्यक सेवाएं रहेंगी चालू

संघ ने स्पष्ट किया है कि गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक संख्या में नर्सिंग स्टाफ सेवाओं में उपस्थित रहेगा। अंबिकापुर चिकित्सालय में प्रशासन के आग्रह पर आंदोलन के बावजूद नर्सिंग संवर्ग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सेवाएं जारी रखीं, जिससे प्रबंधन को राहत मिली।

नर्सिंग ऑफिसर्स की 11 प्रमुख मांगें

2018 में गठित समिति की अनुशंसाएं तत्काल लागू की जाएं।


डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (1310 बेड) में 526 स्वीकृत पदों में से करीब 400 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती।


संविदा और डेली वेजेस कर्मचारियों को उसी अस्पताल में नियमित किया जाए, समान काम का समान वेतन मिले।


स्टाफ नर्स का पदनाम नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंग सिस्टर का सीनियर नर्सिंग ऑफिसर किया जाए।


केंद्र के अनुरूप नर्सिंग अलाउंस 7200 रुपए और वाशिंग अलाउंस 1800 रुपए दिया जाए।


रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन अवकाश (2025-26) के लिए NOC और वेतन भुगतान सुनिश्चित हो।


ड्यूटी के दौरान बच्चों की देखभाल के लिए झूला घर (क्रेच) की व्यवस्था।


10, 20 और 30 साल की सेवा पर मिलने वाला समयमान वेतनमान ब्याज सहित दिया जाए।


नर्सिंग संवर्ग और उनके परिवार के लिए कैशलेस इलाज सुविधा।


सहायक नर्सिंग अधीक्षक, नर्सिंग प्रदर्शक और नर्सिंग सिस्टर के पदों पर पदोन्नति।


गंभीर मरीजों के परिजनों के लिए रुकने, खाने और शौचालय की व्यवस्था हेतु भवन निर्माण।

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