Vedant Samachar

शेयर बाजार से कमाई का सपना पड़ा महंगा, एक झटके में डूब गए 16 लाख! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

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Whatsapp Stock Scam: शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने की चाहत आज हर किसी के मन में है. आए दिन किसी न किसी कंपनी का आईपीओ (IPO) बाजार में धूम मचा रहा है, जिसे देखकर आम निवेशक भी अपनी किस्मत आजमाने के लिए लालायित हो जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि निवेश का यही उत्साह आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकता है? गुजरात के कच्छ जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शेयर बाजार के नाम पर बुने गए एक डिजिटल जाल ने एक व्यक्ति के 16 लाख रुपये निगल लिए.

वॉट्सऐप ग्रुप पर चल रहा ‘ललचाने वाला’ खेल
दरअसल, भुज के रहने वाले और एक निजी कंपनी में कार्यरत अजीत सिंह जडेजा इस साइबर ठगी का शिकार हुए हैं. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस खेल की शुरुआत 21 अप्रैल को हुई थी. अजीत सिंह को अचानक एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप के एक ग्रुप में जोड़ा गया. यह ग्रुप कोई साधारण ग्रुप नहीं था, बल्कि यहां खुद को ‘प्रोफेशनल मार्केट एक्सपर्ट’ बताने वाले लोग मौजूद थे.

इस ग्रुप में हर रोज शेयर बाजार से जुड़ी बारीक जानकारियां और मुनाफे वाले टिप्स भेजे जाते थे. शुरुआत में सब कुछ इतना व्यवस्थित और सही लग रहा था कि अजीत सिंह को रत्ती भर भी शक नहीं हुआ. ठगों ने बड़ी चालाकी से धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया और उन्हें यह विश्वास दिला दिया कि वे वाकई विशेषज्ञों के साथ जुड़े हैं.

मुनाफा दिखाकर बिछाया गया जाल
जब भरोसा पूरी तरह कायम हो गया, तो 4 जुलाई को ठगों ने अपना अगला दांव चला. अजीत सिंह को एक लिंक भेजा गया और एक ऑनलाइन फॉर्म भरने को कहा गया. इसके बाद, शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया. यहीं से असली खेल शुरू हुआ.

ठगों ने शिकार को फंसाने के लिए पहले मुनाफे का लालच दिया. अजीत सिंह ने जब ऐप के जरिए 5,000 रुपये का निवेश किया, तो उन्हें 5,245 रुपये वापस मिले. इस छोटे से मुनाफे ने उनके मन में बड़े मुनाफे की उम्मीद जगा दी. इसी झांसे में आकर, 10 जुलाई से 21 अगस्त के बीच उन्होंने ठगों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में अपनी गाढ़ी कमाई के 16 लाख रुपये से ज्यादा ट्रांसफर कर दिए.

फर्जी लोन और ठगी का कड़वा सच
मामला तब और पेचीदा हो गया जब उस फर्जी ऐप में अजीत सिंह के वॉलेट में 18 लाख रुपये का लोन दिखाया जाने लगा. ठगों ने दावा किया कि यह पैसा एक आईपीओ अलॉटमेंट के जरिए मिला है. लेकिन जब पीड़ित ने इस रकम को अपने बैंक खाते में निकालने (Withdraw) की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन फेल हो गया.

इसके बाद ठगों ने अपना असली रंग दिखाया. उन्होंने पैसे रिलीज करने के बदले ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ के नाम पर 9 लाख रुपये की और मांग कर दी. यह सुनते ही अजीत सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़ी साजिश का शिकार हो चुके हैं. उन्होंने बिना वक्त गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

सुरक्षा के लिए आज ही उठाएं ये कदम
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर अनजान ग्रुप्स में जुड़ना खतरे से खाली नहीं है. ऐसे स्कैम से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप किसी भी अनजान लिंक, ऐप या ‘पक्के मुनाफे’ का वादा करने वाले मैसेज पर भरोसा न करें. निवेश के लिए हमेशा सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें.

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