नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एक बड़े कर्ज धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है। बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को जानकारी दी है कि SREI इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) के पूर्व प्रमोटरों से जुड़ा कुल 2,434 करोड़ रुपये का कर्ज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पीएनबी के अनुसार, इस धोखाधड़ी में SEFL से जुड़ी राशि 1,240.94 करोड़ रुपये है, जबकि SIFL से संबंधित मामला 1,193.06 करोड़ रुपये का है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मामलों में उसने 100 प्रतिशत प्रावधान कर लिया है, यानी संभावित नुकसान की पूरी राशि पहले ही अपने खातों में सुरक्षित कर ली गई है।
बैंक ने बताया कि SEFL और SIFL दोनों कंपनियां कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा पहले ही सफलतापूर्वक समाधान प्रक्रिया से गुजर चुकी हैं। यह मामला उन व्यक्तियों से जुड़ा है जो इन कंपनियों के पूर्व प्रमोटर रह चुके हैं।
PNB ने यह अहम जानकारी शेयर बाजार बंद होने के बाद सार्वजनिक की। इस खुलासे का असर बैंक के शेयरों पर भी देखने को मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कारोबार के दौरान पीएनबी का शेयर 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 120.25 रुपये पर बंद हुआ।
बैंक की ओर से यह भी कहा गया है कि चूंकि पूरी राशि का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है, इसलिए इस धोखाधड़ी का बैंक की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना नहीं है। इसके बावजूद, मामला बैंकिंग सेक्टर में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कर्ज निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।
