अलीगढ़ ,25 दिसंबर । यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में बुधवार रात सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एएमयू के एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस घटना को उस समय अंजाम दिया, जब दानिश अपने दो साथियों के साथ लाइब्रेरी की कैंटीन परिसर के पास टहल रहे थे। हमले के बाद बदमाशों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की और फरार हो गए, जिससे पूरे परिसर में दहशत फैल गई।
घटना रात करीब 8:45 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दानिश अली अपने साथियों इमरान और गोलू के साथ लाइब्रेरी से केनेडी हॉल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए स्कूटी सवार बदमाशों में से एक ने दानिश की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही दानिश जमीन पर गिर पड़े। उनके साथी शोर मचाते हुए मदद के लिए दौड़े, तब तक हमलावर फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही एएमयू सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल दानिश को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर एसएसपी नीरज जादौन, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, सीओ तृतीय सर्वम सिंह सहित पुलिस व एएमयू प्रशासन के अधिकारी मेडिकल कॉलेज और फिर घटनास्थल पहुंचे। फील्ड यूनिट, एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। शूटर किस दिशा में भागे, इसका अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि गोली मारने से पहले हमलावर ने कहा, “अब तो मुझे पहचानोगे मैं कौन हूं,” और फिर गालियां देते हुए फायर कर दिया। इस आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि हमलावर दानिश के परिचित हो सकते हैं और घटना के पीछे किसी पुराने विवाद की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
राव दानिश अली मूल रूप से बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के रहने वाले थे और उनका परिवार लंबे समय से एएमयू परिसर के पास रह रहा था। उनकी मां एएमयू में शिक्षक और पिता कर्मचारी रह चुके हैं। दानिश ने भी एएमयू से पढ़ाई के बाद एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में नौकरी हासिल की थी। उनके भाई एएमयू के इंजीनियरिंग विभाग में शिक्षक हैं। दानिश के ससुर डॉ. मोहम्मद उल्लाह चौधरी मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा सीट से कांग्रेस विधायक रह चुके हैं।
पुलिस के अनुसार दानिश अली छात्र जीवन में एएमयू की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे थे और कुछ समय तक प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका रही थी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से वे सामाजिक रूप से कम सक्रिय थे और उनका जीवन परिवार व नौकरी तक सीमित था। परिवार ने किसी भी तरह की रंजिश या विवाद से अनभिज्ञता जताई है।
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में परिजनों, परिचितों और समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के कारणों व आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है।



