नई दिल्ली । दिल्ली की सड़कों पर सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। लोकसभा सदन में बताया गया है कि दिल्ली में 64 हजार से ज्यादा सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को लगाने का काम चल रहा है। इसकी मदद से आपातकाल में यात्रियों के पास पहुंचने में आसानी होगी।
राजधानी में कुल 2 से 3 लाख के आसपास सार्वजनिक वाहन चलते हैं, लगभग सभी में यह सिस्टम लगाया जाएगा। DTC की बसों में पहले से पैनिक बटन और GPS लगाए जा चुके हैं, जो सीधे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े हैं। इसके अलावा सभी सार्वजनिक वाहनों जैसे ऑटो और टैक्सी में इन्हें लगाया जा रहा है। इसकी निगरानी कश्मीर गेट पर बने कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से होगी। सभी गाड़ियों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की जाएगाी। इसके साथ ही अगर कोई यात्री पैनिक बटन को दबाता है, तो इसका अलर्ट तुरंत संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगा और इसकी सहायता से तुरंत पीड़ित व्यक्ति की मदद की जा सकेगी।
इस योजना को केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर चला रही है। केंद्र सरकार ने साल 2023 में सीसीसी और बैकएंड सिस्टम लगाने के लिए 6.32 करोड़ रुपए जारी किए थे। लेकिन, दिल्ली सरकार को अब तक इस फंड के उपयोग का प्रमाण पत्र नहीं मिला है। वहीं पुराना ट्रैकिंग सिस्टम AIS-140 के मानकों पर कारगर साबित नहीं हुआ। इस वजह से नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर की सहायता से नए अपग्रेडेड सिस्टम को तैयार किया गया है।
GPS और पैनिक बटन की योजना कई सालों से चर्चा में है। साल 2019 में सामने आया था कि कई बसों और टैक्सियों में लगे पैनिक बटन या तो सही से काम नहीं कर रहे हैं या फिर वह किसी भी रिस्पॉन्स सिस्टम से जुड़े नहीं थे। जांच में बैंकएंड सिस्टम और मॉनिटरिंग में बड़ी कमियां सामने आईं। वहीं ऐसा वायदा किया जा रहा है कि नए सिस्टम में यह कमियां नहीं होगीं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार दिल्ली में सार्वजनिक सिस्टम को सच में सुरक्षित किया जाएगा।



