कोरबा ,17 दिसंबर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर ने एक अहम फैसले में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी को निर्देश दिया है कि वह कोरबा जिले के सीतामढ़ी निवासी सुमित अग्रवाल को कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का भुगतान करे। यह आदेश इनोवा कार में गंभीर सड़क दुर्घटना के दौरान एक भी एयर बैग नहीं खुलने को लेकर दिया गया है।
क्या है मामला?
मामले के अनुसार, 23 अप्रैल 2023 को कोरबा के प्रतिष्ठित व्यापारी अमित अग्रवाल रायपुर से अपने भाई सुमित अग्रवाल की इनोवा कार से कोरबा लौट रहे थे। ग्राम तरदा के पास सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर पलट गई और पेड़ से टकरा गई। इस दुर्घटना में अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं। उनके इलाज पर रायपुर और हैदराबाद में कुल 36.83 लाख रुपये खर्च हुए।
नहीं खुला एयर बैग
दुर्घटना के समय इनोवा कार के एक भी एयर बैग के नहीं खुलने के कारण चोटें अधिक गंभीर बताई गईं। इसके बाद कार के मालिक सुमित अग्रवाल ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग, कोरबा में शिकायत दर्ज कराई। कंपनी की अनुपस्थिति में जिला आयोग ने एकपक्षीय आदेश पारित करते हुए नया वाहन या उसके समतुल्य राशि के साथ इलाज में खर्च 36.53 लाख रुपये देने का निर्देश दिया था।
इस आदेश के खिलाफ टोयोटा कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। कंपनी की ओर से अधिवक्ता ओम कुकरेजा ने तर्क दिया कि इंश्योरेंस कंपनी द्वारा 12 लाख रुपये मरम्मत के लिए दिए गए थे, एयर बैग को लेकर कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं ली गई और दुर्घटना के समय सुमित अग्रवाल मौके पर मौजूद नहीं थे। वहीं, सुमित अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता नूतनसिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।
राज्य आयोग ने टोयोटा कंपनी के सभी तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि सर्वेयर रिपोर्ट, वाहन की स्थिति और घायल को हुई गंभीर क्षति से स्पष्ट है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद एयर बैग का नहीं खुलना वाहन में विनिर्माण दोष को दर्शाता है। आयोग ने माना कि उपभोक्ता ने सुरक्षा के लिए महंगी कार खरीदी थी और आवश्यकता के समय सुरक्षा उपकरण का काम न करना सेवा में गंभीर कमी है।
28 नवंबर 2025 को दिए गए फैसले में आयोग ने आदेश दिया कि टोयोटा कंपनी 30 दिन के भीतर सुमित अग्रवाल को नया इनोवा वाहन या उसकी कीमत 23.83 लाख रुपये, इलाज का पूरा खर्च 36.53 लाख रुपये, मानसिक व शारीरिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करे।



