- 2 एमटीपीए की ग्रीनफील्ड इकाई से भारत की सबसे बड़ी एल्युमिना रिफाइनरी तक, यह देश के एल्युमीनियम उत्पादन को मजबूती प्रदान कर रही है
रायपुर, 17 दिसंबर 2025। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी लांजीगढ़ रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 5 मिलियन टन प्रति वर्ष (मिलियन टन प्रतिवर्ष) कर दिया है। यह कंपनी की विकास यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि है और एल्युमीनियम के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस विस्तार के साथ, वेदांता लांजीगढ़ अब (चीन को छोड़कर) दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एल्युमिना रिफाइनरी बन गई है। इससे भारत की कुल एल्युमिना रिफाइनिंग क्षमता बढ़कर लगभग 13 एमटीपीए हो गई है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एल्युमिना उत्पादक देश बन गया है। लांजीगढ़ संयंत्र अकेले ही भारत के कुल एल्युमिना उत्पादन में 38% का योगदान देता है, देश का सबसे बड़ा एकल-स्थान एल्युमिना रिफाइनरी बन गया है।
यह उपलब्धि भारत के लिए एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एल्युमीनियम इकोसिस्टम बनाने के प्रति वेदांता एल्युमीनियम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, यह ऐसे समय में हासिल की गई है, जब देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल व ईवी, नवीकरणीय ऊर्जा, निर्माण, रेलवे और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में एल्युमीनियम की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
साथ ही, रिफाइनरी ने नवंबर में अब तक का सबसे अधिक मासिक एल्युमिना उत्पादन 254 केटी हासिल किया। यह पिछले महीने की तुलना में 8% की बढ़ोतरी और सालाना आधार पर 68% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
यह रिकॉर्ड उत्पादन लगातार बेहतर संचालन और अनुशासित कार्यान्वयन का परिणाम है। इसमें एक ही महीने में अब तक की सबसे अधिक 700 से ज्यादा रेकों का संचालन, पिछले 20 महीनों में सबसे कम विशिष्ट बिजली खपत हासिल करना और प्रक्रियाओं के अनुकूलन व संसाधनों के कुशल उपयोग के जरिए रूपांतरण लागत को 18 महीनों के निचले स्तर तक लाना शामिल है।
राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम, ने कहा , “एल्युमीनियम एक रणनीतिक धातु है, जो भारत की औद्योगिक विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक अहम् आधार है। लांजीगढ़ में हमारी क्षमता को बढ़ाकर 5 एमटीपीए करना न केवल क्षमता विस्तार की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि एक मजबूत और विश्वस्तरीय एल्युमीनियम वैल्यू चेन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। रिकॉर्ड मासिक उत्पादन से स्पष्ट होता है कि हमारा तेज़ विस्तार जिम्मेदार संसाधन विकास, नवाचार और देश के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
प्रणब कुमार भट्टाचार्य, सीईओ, वेदांता एल्युमिना बिज़नेस, ने कहा, “यह उपलब्धि हमारी टीमों के समर्पण और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण है। अवधारणा से लेकर संचालन शुरू होने तक, विस्तार के हर चरण में सटीकता, फुर्ती और सहयोग की अहम् भूमिका रही है। हम प्रक्रियाओं को लगातार बेहतर बना रहे हैं, कार्यकुशलता बढ़ा रहे हैं और अपनी ज़ीरो हार्म संस्कृति को बनाए रखते हुए बड़े पैमाने पर भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित कर रहे हैं।”
2 एमटीपीए की ग्रीनफील्ड इकाई के रूप में शुरुआत करने वाली लांजीगढ़ रिफाइनरी ने वर्ष 2020 में एक महत्वाकांक्षी विस्तार यात्रा शुरू की। औद्योगिक विकास के साथ-साथ, वेदांता एल्युमीनियम सामुदायिक विकास को भी लगातार आगे बढ़ा रहा है। कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कौशल विकास से जुनी पहलों को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि उद्योग की प्रगति के साथ-साथ लोगों की प्रगति भी सुनिश्चित हो सके।



