केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कोड्स 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी कर दिए हैं. उसके बाद सरकार की ओर से इन कोड्स में बदलाव भी किए हैं. जिनकी वजह से इंप्लॉई और इंप्लॉयर्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. ऐसा ही एक नियम परिवर्तन ग्रेच्युटी से संबंधित है. कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि क्या अब ग्रेच्युटी पांच साल की सेवा के बजाय सिर्फ एक साल की सेवा के बाद देय होगी, और क्या यह परिवर्तन तुरंत लागू होगा?
संसद में सरकार के इस बयान ने भ्रम को और बढ़ा दिया है कि वह “कोड्स के सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से बातचीत कर रही है”, जिससे कई लोगों को यह लग रहा है कि ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण लाभ भी अभी तक स्थगित हो सकते हैं. कानून का गहन अध्ययन और विशेषज्ञों की राय से पता चलता है कि मामला इससे कहीं अधिक जटिल है.
सरकार ने आधिकारिक तौर पर क्या स्पष्ट किया
संसद में लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने कहा है कि: “उपरोक्त चार लेबर कोड्स 21.11.2025 से लागू हो गए हैं. साथ ही, इसमें यह भी कहा गया है कि श्रम मंत्रालय सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संपर्क कर रहा है, यह दर्शाता है कि यद्यपि कानून लागू हैं, फिर भी कुछ पहलू राज्य के नियमों पर निर्भर करते हैं.



