शहद और तिल का मिश्रण पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, त्वचा को निखारता है, और हड्डियों व पाचन के लिए फायदेमंद है; इसे लड्डू, कैंडी के रूप में खाया जाता है या त्वचा पर स्क्रब की तरह इस्तेमाल किया जाता है, और आयुर्वेद में इसके कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, पर किसी भी गंभीर बीमारी के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
स्वास्थ्य लाभ
पोषक तत्वों से भरपूर: तिल में प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन और विटामिन होते हैं, जो शहद के साथ मिलकर शरीर को ऊर्जा और पोषण देते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता: यह इम्यूनिटी (प्रतिरक्षा) बढ़ाने में मदद करता है।
त्वचा के लिए: दोनों मिलकर त्वचा को डिटॉक्स करते हैं, मुंहासे कम करते हैं और चमक लाते हैं; इसे फेस पैक या स्क्रब के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
हड्डियों और कोलेस्ट्रॉल: तिल रक्तचाप को नियंत्रित करने और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है।
पाचन: आयुर्वेद के अनुसार, यह पाचन सुधारने और शरीर को साफ करने में सहायक है।
उपयोग और तरीके
शहद-तिल लड्डू: तिल के बीजों को शहद के साथ मिलाकर लड्डू बनाना एक लोकप्रिय और पौष्टिक तरीका है।
स्किन केयर: गुनगुने पानी में शहद और तिल मिलाकर पीने या तिल-शहद का स्क्रब लगाने से त्वचा सुधरती है।
मिठाई: तिल और शहद से बनने वाली कैंडी (तिलपट्टी) भी खाई जाती है।
धार्मिक/आयुर्वेदिक उपाय: दुर्गा पूजा में माता को अर्पित किया जाता है और आयुर्वेदिक उपचारों में इस्तेमाल होता है।
सावधानी
यह एक प्राकृतिक मिश्रण है, लेकिन किसी विशेष बीमारी के इलाज के लिए इसे आज़माने से पहले हमेशा आयुर्वेदिक विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।
संक्षेप में, शहद और तिल का संयोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ देता है, जिसे आप अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं।



