Vedant Samachar

World Stroke Day: ब्रेन स्ट्रोक का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है? ये कब बन जाता है खतरनाक?

Vedant Samachar
3 Min Read

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति होती है, जब दिमाग तक खून की सप्लाई अचानक रुक जाती है या ब्लड वेसल फट जाती है. इससे दिमाग के सेल्स मरने लगते हैं और शरीर के कई हिस्सों का कंट्रोल खो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल करीब 1.5 करोड़ लोग स्ट्रोक का शिकार होते हैं, जिनमें से लगभग 50 लाख लोगों की मौत हो जाती है. स्ट्रो का मुख्य कारण ब्लड क्लॉट, हाइपरटेंशन (हाई बीपी), हाई कोलेस्ट्रॉल और असंतुलित लाइफस्टाइल है. धूम्रपान, मोटापा और डायबिटीज भी इस खतरे को बढ़ाते हैं.

ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है. अचानक चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नपन या कमजोरी, बोलने या समझने में कठिनाई, नजर धुंधली होना, चक्कर आना या संतुलन खोना इसके मुख्य संकेत हैं. कभी-कभी मरीज को सिरदर्द भी तेज महसूस होता है. यह बीमारी 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा पाई जाती है, खासकर जिन्हें ब्लड प्रेशर, शुगर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है. इसके अलावा धूम्रपान करने वाले, अल्कोहल का सेवन करने वाले और ज्यादा तनाव में रहने वाले लोग भी अधिक जोखिम में रहते हैं. परिवार में स्ट्रोक का इतिहास हो तो खतरा और बढ़ जाता है.

ये भी पढ़ें : तालाब में डूबने से हाथी शावक की मौत, झुंड के हाथियों ने साथी को दी ‘विदाई’…

ब्रेन स्ट्रोक कब बन जाता है खतरनाक?
दिल्ली के जीबीपंत अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. दलजीत सिंह बताते हैं किब्रेन स्ट्रोक तब खतरनाक बन जाता है जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड फ्लो पूरी तरह बंद हो जाता है या ब्लीडिंग बहुत अधिक होती है. ऐसी स्थिति में दिमाग के सेल्स कुछ ही मिनटों में मरने लगते हैं, जिससे स्थायी लकवा, बोलने में दिक्कत, याददाश्त की कमी या यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है.

अगर 3 से 4 घंटे के भीतर इलाज शुरू न किया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना बहुत कम हो जाती है. हेमरेजिक स्ट्रोक यानी जब दिमाग में ब्लीडिंग होती है, उसे सबसे गंभीर माना जाता है. इसके अलावा, अगर स्ट्रोक बार-बार हो या मरीज को दिल की बीमारी भी हो, तो खतरा और बढ़ जाता है. इसलिए शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.

कैसे बचें?
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर लेल चेक करें.

धूम्रपान और शराब से दूर रहें.

संतुलित डाइट लें और वजन कंट्रोल रखें.

रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें.

तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें.

परिवार में स्ट्रोक का इतिहास हो तो समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं.

Share This Article