कम उम्र में क्यों आ रहे हार्ट अटैक? टीवी9 के मंच पर कार्डियोलॉजिस्ट

देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क टीवी9 के ग्लोबल समिट WITT 2025 यानी व्हाट इंडिया थिंक टुडे में हार्ट की बीमारियों के बारे में डॉक्टरों ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम में फोर्टिस अस्पताल में कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ महेश वाधवानी शामिल हुए. डॉ वाधवानी से कम उम्र में हार्ट अटैक आने के कारणों से बारे में सवाल किए गए. डॉक्टर ने कहा कि दिल की बीमारियां अब 50 साल से कम उम्र में ही हो रही हैं. उनके पास हार्ट सर्जरी कराने के लिए जो मरीज आते हैं उनमें आधे से ज्यादा की उम्र 50 साल से कम की है. यह एक चिंता की बात है.

डॉ वाधवानी ने कहा कि हार्ट की बीमारियां बढ़ने का एक बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल है. लोगों के सोने और जागने का समय निर्धारित नहीं है. देरी से सोने की आदत शरीर को बीमार कर रही है. खराब लाइफस्टाइल के साथ- साथ ही खानपान भी खराब हो गया है. लोग अब फास्ट फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं. डाइट में चीनी, नमक और मैदा की मात्रा बढ़ रही है. जो कम उम्र में हार्ट की बीमारियों का कारण बन रही है. डॉ वाधवानी ने कहा कि लोगों को अपना लाइफस्टाइल ठीक करने की जरूरत है, लेकिन इसपर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है. इस कारण बीमारियों का दायरा बढ़ता जा रहा है.

डायबिटीज दिल की बीमार कर रही
डॉ वाधवानी ने कहा कि भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डायबिटीज भी हार्ट डिजीज का एक बड़ा कारण है. इस बीमारी की वजह से हार्ट पर भी असर पड़ता है. हार्ट के फंक्शन गड़बड़ हो सकते हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बनते हैं.

कार्यक्रम में अपोलो हॉस्पिटल्स एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. एस के वांगनू ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरुआत में लक्षण पता ही नहीं चल पाते हैं. जब लोगों को ये हो जाती है तब इसके बारे में पता चलता है. इसका असर शरीर के लगभग हर अंग पर पड़ता है. यह हार्ट पर भी गंभीर प्रभाव डालती है.

सही समय पर जांच जरूरी
डॉ. एस के वांगनू ने कहा कि डायबिटीज की पहचान का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपना ब्लड शुगर चेक कराएं. महीने में एक या दो बार इसको करा लेंगे तो शरीर में शुगर लेवल का पता चल जाएगा. डायबिटीज की पहचान के लिए एचबी1एसी टेस्ट काफी बेहतर है. ये एक कॉमन टेस्ट है जिसको आप आसानी से करा सकते हैं.

डॉ वांगनू ने कहा कि जिनके परिवार में किसी को डायबिटीज है, मोटापा बढ़ रहा है. लाइफस्टाइल खराब है और स्मोकिंग करते हैं, तो ऐसे लोगों को यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए.

ऐसे लोगों में डायबिटीज का रिस्क अधिक होता है. अगर आप ये टेस्ट करा लेंगे तो बीमारी का समय पर पता चल जाएगा. दवाओं और लाइफस्टाइल को ठीक करके इसको काबू में किया जा सकता है. डायबिटीज कंट्रोल में रहेगी तो हार्ट डिजीज का रिस्क भी कम होगा.