बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी गलियारों में पारा गरमाया हुआ है। धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रहे हैं। दूसरी ओर टिकट की घोषणा होने के बाद दावेदारों की नाराजगी भी सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला आज राजधानी पटना में देखने को मिला, जहां मधुबन विधानसभा सीट से प्रबल दावेदार मदन साह ने टिकट कटने के चलते लालू यादव के आवास के सामने जमकर हंगामा किया। मदन साह का आरोप है कि टिक के लिए पैसों की डिमांड की गई थी, लेकिन जब पैसे नहीं दिए तो टिकट काटकर किसी और को दे दिया गया। मदन साह के हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सामने आए वीडियो में आप देख सकते हैं कि मदन साह बीच रोड पर रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। इस दौरान आप देख सकते हैं कि उनका कपड़ा भी फटा हुआ है। मदन साह ने यह भी आरोप लगाया कि राजद ने उनसे टिकट के बदले पैसे मांगे थे लेकिन जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तब पार्टी ने उनका टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को दे दिया और उनसे पैसे ले लिए। मदन साह का आरोप है कि टिकट के बदले उनसे 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे गए। मदन साह ने कहा कि भरोसा अब टूट गया है। मदन साह ने कहा कि लालू जी गरीब के मसीहा और भगवान हैं, मेरे भी गार्जियन हैं। जिस तरह लालू यादव ने पार्टी नहीं बदली उसी तरह हम भी पार्टी नहीं बदले। साल 2020 में लालू प्रसाद यादव ने हमको टिकट दिया था। हम जाकर चुनाव लड़े। वहां राजद का तीस हजार वोट है हमको 70 हजार वोट मिला। 2 हजार वोट से हम हार गए।
मदन साह ने आगे कहा कि हम पैसा नहीं दिए तो हमारा टिकट कट गया। मदन साह ने संतोष कुशवाहा के बारे में कहा कि संतोष कुशवाहा कोई काम नहीं करते हैं। जब उनको साल 2020 में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने हमको हराने का काम किया। लालू प्रसाद यादव के लालटेन में बम रख कर उड़ाया है उन्होंने। मदन साह लालू प्रसाद यादव से मिलने की मांग पर अड़े थे। तेजस्वी जी कहते हैं कि हम गरीब के पार्टी है। लालू जी जब तक रहे तब तक यह गरीब की पार्टी थी। अब नहीं है। हम यहां 2 बजे तक बैठे रह गए लेकिन हमको टिकट नहीं मिला है। चुरा कर टिकट दिया गया। लालू जी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उनको टिकट देना चाहिए। संजय यादव और तेजस्वी यादव टिकट देता है। हम मर जाएँगे लेकिन यह यहां से नहीं जाएंगे। हमको उनसे मिलवा दीजिए। अगर वो मना कर देंगे तो हम यहां से चले जाएंगे। हमको सिर्फ लालू यादव से मिलना है।
फटे हुए कुर्ते राजद नेता मदन साह कभी जमीन पर लेट जाते तो कभी उठकर रोने लगते। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां मौजूद उनके परिजनों को यह डरा सता रहा था कि कहीं उनकी तबीयत ना बिगड़ जाए इसलिए वो उन्हें बार-बार गाड़ी में बैठा कर वहां से ले जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो लगातार फूट-फूट कर रो रहे थे।



