वेदांता के वाइज़ैग जनरल कार्गो बर्थ को विशाखापट्टनम बंदरगाह पर भारत का सबसे बड़ा बॉक्साइट पोत प्राप्त हुआ

  • बंदरगाह ने 1,99,500 मीट्रिक टन बॉक्साइट से लदे जहाज एमवी कैप्टन लियोनिडास को संभाला

रायपुर, 03 अप्रैल 2025: विशाखापट्टनम में स्थित पोर्ट टर्मिनल और वेदांता एल्युमीनियम की इकाई वाइज़ैग जनरल कार्गो बर्थ प्राइवेट लिमिटेड (वीजीसीबी) ने भारत में अब तक आए सबसे बड़े बॉक्साइट जहाजों में से एक, एमवी कैप्टन लियोनिडास की सफल बर्थिंग से मेरिटाईम सेक्टर में एक नया मानदंड स्थापित किया है। 1,99,500 मीट्रिक टन (एमटी) बॉक्साइट कार्गो ले जाने वाले इस जहाज ने इस फैसिलिटी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता के लिए एक नया उच्च स्तर तय किया है। एमवी कैप्टन लियोनिडास की सफल बर्थिंग न केवल बंदरगाह की प्रचालन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक बॉक्साइट व्यापार में एक प्रमुख इकाई के रूप में विशाखापट्टनम के विकास में भी योगदान देगी।

पिछले साल, एमवी हुआहाइन ने वीजीसीबी के टर्मिनल पर सफलतापूर्वक बर्थ किया, जिसने रिकॉर्ड तोड़ 1,99,900 मीट्रिक टन मैंगनीज अयस्क पहुंचाया। यह किसी भी भारतीय बंदरगाह पर अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-कार्गो शिपमेंट है। उन्नत टेक्नोलॉजी और सुव्यवस्थित प्रचालन में चल रहे निवेश के साथ, वीजीसीबी एक अग्रणी वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विशाखापट्टनम के दर्जे को और ऊंचा उठाने को तैयार है।

50 मीटर की बीम, 17.9 मीटर का ड्राफ्ट और 2,03,095 मीट्रिक टन के डेडवेट टनेज (डी.डब्ल्यू.टी) के साथ एमवी कैप्टन लियोनिडास का आगमन, वीजीसीबी के तेज और कुशल प्रचालन के साथ बड़े जहाजों को संभालने की क्षमता को रेखांकित करता है। इस विशाल कार्गो की सफल ऑफलोडिंग एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप उच्च क्षमता वाले, आधुनिक टर्मिनल के रूप में बंदरगाह की प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है। यह उपलब्धि वीजीसीबी की प्रचालन दक्षता का परिचय कराती है, बंदरगाह को बड़ी मात्रा में वस्तुओं के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में स्थापित करती है; टर्नअराउंड टाइम में तेजी की वजह से उत्पादकता बढ़ती है, शिपिंग लाइनों को प्रचालन लागत में बचत होती है और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता में वृद्धि होती है।

वेदांता लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वीजीसीबी के पूर्णकालिक निदेशक चिक्काला सतीश कुमार ने कहा, ’’हम भारत के मेरिटाइम सेक्टर में निरंतर योगदान दे रहे हैं और इस उपलब्धि ने हमें गर्व से भर दिया है। केवल पाँच दिनों के भीतर इतने बड़े कार्गो को सफलतापूर्वक उतारना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह प्रचालन उत्कृष्टता के लिए हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है तथा एक अग्रणी वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विशाखापट्टनम की स्थिति को उन्नत करने के हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण को पुख्ता करती है। हम भारत की बढ़ती मेरिटाइम इंडस्ट्री में अपने योगदान को और ज्यादा मजबूती देने के लिए तत्पर हैं।’’

वेदांता लिमिटेड की सहायक कंपनी वीजीसीबी को कोयला हैंडलिंग सुविधाओं के मशीनीकरण और मल्टी-कार्गो हैंडलिंग हेतु डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) के आधार पर निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से 30 साल की रियायत अवधि के लिए विशाखापट्टनम बंदरगाह के आउटर हार्बर पर जनरल कार्गो बर्थ (जीसीबी) प्रदान किया गया है, जो अक्टूबर 2010 से प्रभावी है। यह परियोजना बंदरगाह में कोल डस्ट प्रदूषण को कम करने के उपायों में से एक है। यह परियोजना वेदांता लिमिटेड के नेतृत्व वाले एक संघ को दी गई है और इसका प्रबंधन एक स्पेशल पर्पज़ व्हीकल द्वारा किया जाता है, जिसका नाम है वाइज़ैग जनरल कार्गो बर्थ प्राइवेट लिमिटेड (वीजीसीबी)। इस परियोजना में 200,000 डी.डब्ल्यू.टी. क्षमता वाले जहाजों की जरूरतें पूरी करने के लिए बर्थ का विस्तार, संपूर्ण मल्टी-कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं का मशीनीकरण शामिल है।