रायपुर ,14अक्टूबर (वेदांत समाचार) ।चिरायु योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान भी लौटा दी है। इसी कड़ी में चिरायु योजना से ही दिल की बीमारी से जूझ रही किसान परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा को नवजीवन देने का काम किया है।
चिरायु योजना से 44 गंभीर बीमारियों का इलाज
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिरायु योजना में 0 से 18 साल तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे-फटे होंठ, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर सहित 44 गंभीर बीमारियों का इलाज शासन द्वारा कराया जाता है। आवश्यकता होने पर देश के बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जाता है।
अमीषा के हृदय रोग का सफल इलाज
मनोरा विकासखंड के छोटे से ग्राम ओरडीह की एक जनजातीय परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा अक्सर बीमार रहने लगी थी। परिजन बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने से चिंतित थे। जब अमीषा की जांच जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई, तो पता चला कि वह जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले उसके पिता अशोक केरकेट्टा यह सुनकर परेशान हो उठे। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता थी कि वे इतने महंगे इलाज का खर्च कैसे उठा पाएंगे। तभी चिकित्सकों ने उन्हें चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी। यह सुनकर परिवार को मानो एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। योजना के तहत अमीषा को शासकीय व्यय पर बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया। कुछ ही समय में अमीषा पूरी तरह स्वस्थ हो गई।



