कोरबा, 28 जनवरी (वेदांत समाचार)। निर्धन परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 260 जोड़ों के विवाह की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। महाशिवरात्रि से पूर्व 10 फरवरी को जिला स्तरीय भव्य आयोजन के माध्यम से 260 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे। इस पुनीत आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी मुस्तैदी से तैयारियों में जुट गया है।
आज के महंगे दौर में गरीब और मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए बेटियों का विवाह करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इन्हीं कठिनाइयों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2004 से मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के मूल निवासी निर्धन परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की विवाह योग्य कन्याओं का विवाह सरकार अपने खर्च पर संपन्न कराकर परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करती है।
चालू वित्तीय वर्ष में जिले को 260 जोड़ों का लक्ष्य मिला है, जिसके लिए प्रति जोड़ा 50 हजार रुपये की दर से कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। जिले में संचालित 10 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं को समान रूप से 26-26 जोड़ों का लक्ष्य दिया गया है और प्रत्येक परियोजना के लिए 13-13 लाख रुपये का बजट पुनर्बंटित किया गया है। जिले के अंतर्गत कुल 2602 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज ने बताया कि सभी 10 परियोजनाओं से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन लगभग पूरा हो चुका है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के नेतृत्व में 10 फरवरी को महाशिवरात्रि से पूर्व सामूहिक विवाह आयोजन की तैयारी की जा रही है, ताकि गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के लिए लंबा इंतजार और आर्थिक चिंता न करनी पड़े। अतिथियों की स्वीकृति के बाद अंतिम तिथि और आयोजन स्थल की औपचारिक घोषणा शीघ्र की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 260 जोड़ों का विवाह भव्य और व्यवस्थित स्वरूप में संपन्न कराया जाएगा। सीमित समय में इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। विवाह आयोजन के दौरान सभी आवश्यक धार्मिक, सामाजिक और व्यवस्थागत पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत स्वीकृत 50 हजार रुपये प्रति जोड़ा की प्रोत्साहन राशि में से 35 हजार रुपये की राशि सीधे लाभार्थी जोड़ों को चेक के माध्यम से प्रदान की जाएगी। शेष 15 हजार रुपये का उपयोग विवाह आयोजन पर किया जाएगा, जिसमें वर-वधु के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और आयोजन से संबंधित अन्य सभी व्यवस्थाएं शामिल होंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज ने बताया कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक सहयोग और सहभागिता का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सरकार निर्धन परिवारों की बेटियों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।



