द्रौपदी ने पांच पांडवों से शादी की थी और वह सबके साथ समय बिताती थी। महाभारत काल की इस घटना का जिक्र अक्सर सुनने को मिलता है। अगर आपको पता चले कि आज के समय भी ऐसा हो रहा है तो शायद ही यकीन हो। लेकिन यह सच है। आज भी भारत में ऐसी जगहें हैं, जहां एक या इससे अधिक भाइयों की धर्मपत्नी एक ही महिला हो सकती है। इन जगहों पर यह परंपरा लगभग 70 या 80 के दशक से चली आ रही है।
इस पुरानी परंपरा का ताजा उदाहरण हिमाचल प्रदेश में देखने को मिला है। यहां 2 सगे भाइयों ने एक ही महिला से विवाह रचाया है। इस परंपरा के बारे में विस्तार से जानते हैं। इस प्रथा का प्रचलन हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में है। यहां के शिलाई इलाके में प्राचीन बहुपति प्रथा का चलन देखने को मिल जाता है। हाल ही में एक युवती के साथ 2 भाइयों ने विवाह किया है। यहां के हाटी समाज में इस प्रथा को उजला पक्ष कहा जाता है।
दोनों भाई करते हैं जॉब
इस परंपरा में गांव के लोग भी शामिल होते हैं। सूत्रों के मुताबिक युवती से शादी करने वाले दोनों भाइयों में से एक विदेश में जॉब करता है, दूसरा लोकल गवर्नमेंट में ही कर्मचारी है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और उत्तराखंड के जौनसार बावर में एक महिला पुराने समय में कई लोगों के साथ विवाह रचाती थी। बहुपति या बहुपत्नी प्रथा के अनुसार 2 भाई या तो एक महिला के साथ शादी करते थे। या एक भाई दो या इससे ज्यादा महिलाओं से शादी करता था।
प्रॉपर्टी के लिए उठाया जाता है कदम
आधुनिक समय के साथ ही यह परंपरा खत्म होती जा रही है। माना जाता है कि जमीन या प्रॉपर्टी को बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया जाता है। समय के मुताबिक उस समय एक पुरुष नौकरी या कमाई के बहाने बाहर चला जाता था। वहीं, महिला दूसरे पुरुष के साथ समय व्यतीत करती थी। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भी ऐसी प्रथा देखने को मिल जाती है। किन्नौर जिले में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।



