Vedant Samachar

आज प्रदेशभर में एक साथ होगी गौ विज्ञान परीक्षा, 1.70 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल

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रायपुर/कोरबा, 19 जनवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में 19 जनवरी 2026 को एक साथ गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा प्रदेश के सभी 33 जिलों के 6000 से अधिक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों में एक ही समय पर संपन्न होगी, जिसमें 1 लाख 70 हजार से अधिक विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। परीक्षा को लेकर आयोजक संस्था द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दिन को ‘गौ सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।

गौ विज्ञान परीक्षा के आयोजन के साथ ही प्रदेशभर में सामूहिक रूप से सवा करोड़ ‘श्री सुरभ्ये नमः’ मंत्र का जप भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को ‘गौ वंश से ही होगा पंच परिवर्तन’ विषय पर प्रबोधन दिया जाएगा तथा गौ सेवा के लिए प्रतिज्ञा भी कराई जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गौ सेवा, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण के प्रति जागरूकता विकसित करना है।

यह जानकारी देते हुए प्रान्त गौ उत्पाद प्रशिक्षण प्रमुख एवं गौ सेवा गतिविधि की लालिमा जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। परीक्षा का प्रथम चरण 19 जनवरी को दोपहर 1 बजे से पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में चयनित विद्यार्थी 8 फरवरी को होने वाली द्वितीय चरण की परीक्षा में शामिल होंगे, जो प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में एक साथ संपन्न होगी। इसके बाद चयनित विद्यार्थी अप्रैल माह में रायपुर में आयोजित तृतीय चरण की परीक्षा में भाग लेंगे।

प्रदेश स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार एवं 11 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही जिला एवं संस्था स्तर पर भी विद्यार्थियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

गौ विज्ञान परीक्षा का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर विचरण कर रहे गोवंश की घर वापसी को प्रोत्साहित करना, विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों तक गाय के वैज्ञानिक पक्ष को प्रमाणिक तथ्यों के साथ पहुंचाना, पंचगव्य के महत्व को समझाना, गौ आधारित खेती का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा घर-घर शाक वाटिका के निर्माण को बढ़ावा देना है। इन्हीं उद्देश्यों के तहत इस परीक्षा में पूरे प्रदेश से लगभग 1.70 लाख विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं।

संस्था की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को ‘गौ विज्ञान ग्रंथ’ उपलब्ध कराया गया है, जिसमें गाय से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक तथ्यों को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही परीक्षा में सहभागी विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने घरों में किचन गार्डन का निर्माण भी किया गया है, जिसका प्रशिक्षण संस्था द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया। आयोजकों का कहना है कि यह परीक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि गौ संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और आत्मनिर्भर जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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