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सपना चौधरी कार्यक्रम विवाद : जश्न रिसॉर्ट प्रकरण में करनदीप सिंह सहित तीन आरोपियों को मिली अग्रिम ज़मानत

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सिख समाज में आक्रोश, पगड़ी उतारने की घटना पर करेगा शिकायत

कोरबा, 18 अक्टूबर, (वेदांत समाचार)। हरियाणवी लोकनृत्यांगना सपना चौधरी के कार्यक्रम के बाद हुए विवाद मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। होटल जश्न रिसॉर्ट में हुई तोड़फोड़, मारपीट, लूट और गोली मारने की धमकी के मामले में प्रथम पक्ष के तीन आरोपियों को न्यायालय ने अग्रिम ज़मानत प्रदान की है।

यह आदेश डॉ. ममता भोजवानी, अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (POCSO) कोरबा के न्यायालय द्वारा पारित किया गया। यह मामला कोतवाली थाना अंतर्गत अपराध क्रमांक 748/2023, धारा 296, 115(2), 309(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत दर्ज किया गया था।

ज़मानत का लाभ पाने वाले आरोपियों में करनदीप सिंह उर्फ कैनी (38 वर्ष), गुरबीर सिंह उर्फ गोल्डी (42 वर्ष) और ईशान सिंह (36 वर्ष) शामिल हैं — सभी निवासी दर्री रोड, कोरबा।
आवेदक पक्ष की ओर से अधिवक्ता बलराम तिवारी ने न्यायालय में प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने सशर्त अग्रिम ज़मानत मंजूर की।

क्या है मामला

12 अक्टूबर 2025 की रात जश्न रिसॉर्ट में सपना चौधरी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्ति के बाद लगभग रात 12 से 1:30 बजे के बीच, जब सपना चौधरी अपने टीम सदस्यों के साथ विश्राम कर रही थीं, तब आयोजनकर्ताओं में शामिल अमित, अनिल, युगल और सुजल अग्रवाल कमरे के बाहर पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दरवाज़े पर ज़ोर-ज़ोर से लात मारी, गाली-गलौज करते हुए गोली मारने की धमकी दी, और अधिक पैसा लेने का आरोप लगाते हुए विवाद व मारपीट की।

मामला बढ़ने पर जश्न रिसॉर्ट के मालिक करनदीप सिंह व उनके भाइयों और स्टाफ से भी झड़प हुई, जिसके दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना सामने आई। इसके बाद आयोजनकर्ता अनिल द्विवेदी ने करनदीप सिंह और अन्य पर मारपीट व धमकी का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में करनदीप सिंह ने अग्रिम ज़मानत के लिए आवेदन किया था, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने सशर्त राहत प्रदान की।

सिख समाज में रोष

घटना के दौरान करनदीप और उनके भाइयों के साथ मारपीट के दौरान सिख समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ी “पगड़ी” उतारने की घटना सामने आई है। सिख समाज ने इसे गंभीर अपमान बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि “पगड़ी सिख अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है, उसका अपमान असहनीय है।” जानकारी के अनुसार, सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगा।

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