Vedant Samachar

GST कटौती सहित सरकार के इन फैसलों का दिखेगा असर, खपत में होगी बढ़ोतरी!

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भारत के लिए आने वाला साल इकोनॉमिक लिहाज से बेहतर होगा क्योंकि आने वाले साल में कंजम्पशन मोमेंटम मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसे कम महंगाई, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में कटौती के लंबे समय तक चलने वाले अच्छे असर और इनकम-टैक्स और पॉलिसी रेट्स में ढील से सपोर्ट मिलेगा. ये कारण ऐसे हैं जिन्होंने 2025 में डिमांड बढ़ाई थी, आने वाले साल में भी भरोसा बढ़ाते रहेंगे.

ईटी की रिपोर्ट में HDFC बैंक की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता ने कहा कि हाल के ट्रेंड्स को देखते हुए, हम कंजम्पशन मोमेंटम के मामले में 2026 में काफी मजबूत स्थिति में आ रहे हैं, जो आगे की ग्रोथ के लिए एक अच्छा आधार तैयार करता है. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर पारस जसराय के मुताबिक, कंजम्पशन की मुख्य वजह कम महंगाई और सैलरी में सुधार है. अक्टूबर में खुदरा महंगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई. 2025 के पहले 10 महीनों में यह औसतन 2.5% रही, जबकि पिछले साल इसी समय यह 4.9% थी.

मिडिल-इनकम कंजम्पशन बढ़ेगा
नोमुरा में इंडिया के इकोनॉमिस्ट और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ऑरोदीप नंदी ने कहा कि कम महंगाई, जिसके 2026 में भी रहने की उम्मीद है. उससे घरों की असली कमाई और कंपनियों के मुनाफे को सपोर्ट मिलेगा. उन्होंने कहा कि इससे मिडिल-इनकम लोगों की खरीदारी बढ़ेगी, हालांकि तेज ग्रोथ अमीर खरीदारों की तरफ से आएगी.

जुलाई-सितंबर में निजी खपत तीन तिमाहियों के सबसे ऊंचे 7.9% पर पहुंच गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 7% थी. FY26 की पहली छमाही में यह 7.5% थी. केयरएज रेटिंग्स की चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा को उम्मीद है कि रफ्तार अच्छी बनी रहेगी, हालांकि प्राइवेट कंजम्पशन H2FY26 में करीब 7.3% और FY27 में 7% पर आ सकती है, क्योंकि पिछले साल का अच्छा बेस इफेक्ट कम हो रहा है और त्योहारों के बाद मांग घटती है.

ग्रामीण और शहरी खपत
इकोनॉमिस्ट ने कहा कि भले ही ग्रामीण इलाकों में वेतन बढ़ने और खेती के अच्छे उत्पादन की उम्मीद है, लेकिन फॉर्मल जॉब मार्केट पर नजर रखना जरूरी है. क्वांटइको रिसर्च की इकोनॉमिस्ट युविका सिंघल ने कहा कि मुझे नौकरी बनने और इनकम की ज्यादा चिंता होगी, क्योंकि ये शहरी कंजम्पशन मोमेंटम के लिए बेहद जरूरी हैं. शहरी खपत को भी बड़े स्तर पर बढ़ने की जरूरत है जैसे रोजमर्रा की चीज़ों से लेकर प्रीमियम प्रोडक्ट्स तक जो अभी सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट में अच्छा कर रहे हैं.

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