0.आयुष विभाग की टीम ने कमला नेहरू कॉलेज में दिए सेहतमंद जीवन के टिप्स
कोरबा,15अक्टूबर (वेदांत समाचार)। “सुबह की हवा यानी सौ लोगों की दवा”, इस कहावत को जीवन में अपनाना अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। नियमित दिनचर्या और संतुलित आदतें अपनाकर हम अधिकांश बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। यह बातें बुधवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत आयुष विभाग, कोरबा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय व्याख्यान में उरगा स्थित आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉ. चंद्रकला पाल ने कहीं। कार्यक्रम का आयोजन कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर के मार्गदर्शन में किया गया।
डॉ. चंद्रकला ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेना चाहिए और खाने के कम से कम तीन घंटे बाद ही सोना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोने से डेढ़ घंटा पहले मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बना लेना जरूरी है, क्योंकि ये नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सलाह दी कि सोने से पहले किताबें पढ़ें या हल्की शारीरिक गतिविधि करें। नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में जागने, हल्की वर्जिश और हफ्ते में दो दिन खेलकूद में शामिल होने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।

जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. वसंत कुमार नोर्गे ने कहा कि आयुर्वेद का वर्णन अथर्ववेद में मिलता है। उन्होंने प्रकृति के नियमों का पालन करने, दिनचर्या में अनुशासन रखने और आहार पर नियंत्रण रखने की बात कही।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहने के लिए योग, ध्यान और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर दिन प्रसन्न मन से उठें और दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें।
कार्यक्रम में डॉ. ऊषा सिंह, अजय कुमार मिश्रा, डॉ. अर्चना सिंह, वाय.के. तिवारी, डॉ. बीना विश्वास सहित कॉलेज के कई प्राध्यापक उपस्थित रहे। वहीं देवांश कुमार तिवारी, तुलसी मैत्री, शिवराज थवाइत, विशाल और कहकशा परवीन ने कार्यक्रम में सक्रिय योगदान दिया।



