Vedant Samachar

सौर सुजला योजना ने बदली किस्मतः केंदई की बधानो बिंझवार बनीं आत्मनिर्भर किसान

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कोरबा 06 जनवरी 2026। ग्राम केंदई की श्रीमती बधानो बिंझवार आज ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रगतिशील खेती का जीवंत उदाहरण हैं। पहले उनकी खेती केवल सीमित सिंचाई पर निर्भर थी। बिजली उपलब्ध न होने या डीज़ल के बढ़ते खर्च के कारण वे खेतों को समय पर पानी नहीं दे पाती थीं। इससे फसल उत्पादन कम होता था और परिवार की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित रहती थी।


स्थिति तब बदली, जब उन्हें सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप का लाभ मिला। सोलर पंप लगने के बाद उनके खेतों को नियमित और निरंतर पानी मिलना शुरू हुआ। अब वे बिना किसी रुकावट के समय पर सिंचाई कर पाती हैं। परिणामस्वरूप धान के साथ अन्य फसलों का उत्पादन भी बढ़ा। बेहतर सिंचाई से फसल की गुणवत्ता सुधरी और बाजार में उचित मूल्य मिलने लगा।


सोलर पंप ने न केवल डीज़ल खर्च को समाप्त किया, बल्कि समय और मेहनत दोनों बचाए। सिंचाई की सुविधा पक्की होने से श्रीमती बधानो बिंझवार की खेती अब मुनाफे की खेती बन चुकी है। उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई है और परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। आज वे गांव की महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, यह दिखाते हुए कि सही सुविधा और प्रयास से ग्रामीण जीवन में भी बड़ा परिवर्तन संभव है।


सौर सुजला योजना के सकारात्मक प्रभावों का यह उदाहरण बताता है कि यह योजना केवल सिंचाई उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ा रही है। जिले में इस वर्ष अब तक 210 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिससे ग्रामीण कृषि में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

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