Vedant Samachar

कल होगी,आरुग म्यूजिक पर ‘मोर छइयां भुईयां’ की रजत जयंती विशेष “जय छत्तीसगढ़” महतारी वंदना

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CG CINEMA NEWS : ‘मोर छइयां भुईयां’ की रजत जयंती को गौरवशाली वर्षों के उत्सव को यादगार बनाने के लिए आरुग म्यूजिक 27 अक्टूबर को “जय छत्तीसगढ़” नामक एक भव्य महतारी वंदना प्रस्तुत कर रहा है। यह अवसर इसलिए विशेष होने वाला है क्योंकि ठीक इसी तारीख को छत्तीसगढ़ की पहचान रचने वाली ऐतिहासिक फिल्म मोर छइयां भुईयां की रिलीज को भी 25 साल पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माण से लेकर सांस्कृतिक जागरण तक की पूरी यात्रा को यह गीत भावनाओं से जोड़कर दर्शाने वाला है

इस रचना में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध, जंगलों का हरापन, लोकजीवन की सरलता, आदिवासी समुदायों की परंपरा और शहरों की आधुनिक प्रगति… सभी एक साथ सुर और ताल के माध्यम से दिखाई देंगे। गीत में वह आत्मसम्मान और स्वाभिमान झलकता है जिसने छत्तीसगढ़ को पहचान दिलाई और जो हर छत्तीसगढ़िया के हृदय में धड़कता है

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“जय छत्तीसगढ़” महतारी वंदना में संगीत, लोकधुनों और पारंपरिक वाद्यों का ऐसा संगम तैयार किया गया है जिससे सुनने वाला अपनी जड़ों से फिर जुड़ जाए। कलाकारों और वादकों का यह संयुक्त प्रयास केवल एक वीडियो या गीत नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा का सजीव दस्तावेज बनेगा। मंच से लेकर पर्दे तक छत्तीसगढ़ को सम्मान दिलाने वाले अनेक प्रतिष्ठित कलाकार इस प्रस्तुति में नजर आएंगे और माँ छत्तीसगढ़ की आराधना करेंगे।

बता दें, कि यह गीत बीते 25 वर्षों में राज्य के संघर्ष, संकल्प, बदलाव और उपलब्धियों को समर्पित है। हर उपलब्धि से इस राज्य की पहचान और मजबूत हुई है। शिक्षा, कला, संस्कृति, खेल, कृषि, उद्योग और पर्यन… इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ ने अपने दम पर कई उदाहरण रचे हैं और उसी प्रगति का संदेश यह जयगान आगे ले जाएगा।

इस गीत के माध्यम से नयी पीढ़ी को यह प्रेरणा भी दी जा रही है कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं बल्कि भावनाओं का घर है। यहाँ की बोली, यहाँ के लोकगीत, गीत-नृत्य, खानपान और जीवनशैली… सब मिलकर इस पहचान को मजबूत बनाते हैं। “जय छत्तीसगढ़” इन्हीं अनमोल पहलुओं को ग्लोबल मंच तक ले जाने का प्रयास है।

सभी छत्तीसगढ़ वासियों, कलाकारों, विद्यार्थियों और छत्तीसगढ़ी कला प्रेमियों से निवेदन है कि 27 अक्टूबर यानि कल आरुग म्यूजिक के यूट्यूब चैनल से जुड़कर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें। इस गी को अधिक से अधिक साझा कर माँ छत्तीसगढ़ के गौरव और प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।

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