राजनांदगांव ,08दिसंबर(वेदांत समाचार)। लौह पुरूष महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वतंत्रता पश्चात 562 रियासतों का एकीकरण करने वाले अद्वितीय राष्ट्र सेवक सरदार वल्लभ भाई पटेल के समसामयिक पुण्य स्मरण परिपे्रक्ष्य में नगर के वरिष्ठ विचार चिंतक डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशिष्ट विमर्श में बताया कि अद्भुत नेतृत्व क्षमता, कठोर अनुशासन, दृढ़संकल्पी और अद्भुत प्रशासनिक कौशल के धनी व्यक्तित्व तथा राष्ट्र के प्रथम उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री सरदार पटेल जी एक श्रेष्ठ, सरल, ईमानदार राजनेता हुए हैं।
जिनका समग्र जीवनक्रम आदर्श राष्ट्र भक्ति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल का अतीव महत्तम योगदान प्रत्येक भारतीय को सहज-सरल रूप में राष्ट के प्रति सर्वदा कर्तव्यनिष्ठ रहने को अभिप्रेरित करता है। इस संदर्भ में आगे डॉ. द्विवेदी ने उल्लेखनीय रूप से बताया कि सरदार पटेल जी के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं सर्वोत्कृष्ठ कृतित्व के लिए उन्हें एक से बढक़र एक विशेषणों से संबोधन दिए जाते रहे है जैसे कि – सशक्त राष्ट्र के पुरोधा, संवेदनशील, लौह पुरूष, राष्ट्रीय, एकता, अखंडता के पथ प्रदर्शक, हैदराबाद मुक्ति के नायक, संविधान निर्माण में निर्णायक भूमिका, सहकारिता के महाशिल्पी, प्रशासनिक व्यवस्था के श्रेष्ठ सुधारक इत्यादि वस्तुत: सरदार पटेल एक आदर्श राष्ट्र नायक थे।
उनके कार्य, विचार संपूर्ण देश – धरती में सभी के लिए परम प्रेरणा पुंज है। और यह भी प्रमाणिक रूप से सत्य है कि सरदार पटेल प्रारंभ से ही ,,राष्ट्रहित सर्वोपरि नीति,, के श्रेष्ठ पैरोकार थे। उनके कार्यो में श्रेष्ठ भारतीयता की चमक-धमक सहजता से मिलती है। इसीलिए उनकी चिरस्थायी स्मृति में विशालकाय स्टेचु ऑफ यूनिटी का निर्माण उनके गृह प्रदेश गुजरात में हमारे सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा निर्माण कराया गया है। जिससे हमारी युवा-किशोर-प्रबुद्ध पीढ़ी राष्ट्र के विकास में पृथक सहभागिता की नवप्रेरणा सदैव लेती रहे और राष्ट्र के लिए अपनी अनिवार्य भूमिका के लिए प्रतिपल तत्पर रहें। यही वर्तमान पीढ़ी का महा राष्ट्र संगठक सरदार पटेल के प्रति सच्ची सार्थक श्रद्धांजलि होगी।



