नई दिल्ली,10जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई से 10 जुलाई 2025 तक पांच देशों के राजकीय दौरे पर थे। यह यात्रा उनके अब तक के कार्यकाल की सबसे लंबी विदेश यात्रा मानी जा रही है। इस दौरान उन्होंने घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा की। गुरुवार सुबह उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उनका औपचारिक स्वागत हुआ। इस यात्रा ने भारत की वैश्विक कूटनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया सहित 5 देशों की यात्रा के बाद भारत लौटे। प्रधानमंत्री मोदी ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए।
घाना में PM मोदी की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की शुरुआत घाना से हुई, जहां वे 30 वर्षों के बाद दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामनी महामा ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री को वहां ‘ऑफिसर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया, जो देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। उनके स्वागत में बच्चों ने संस्कृत श्लोक गाए और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। इस यात्रा ने भारत और घाना के बीच पुराने सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को फिर से मजबूत किया।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो में 6 समझौते
घाना के बाद पीएम मोदी कैरेबियन देश त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे। राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में उनका शानदार स्वागत हुआ। राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने प्रधानमंत्री को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ प्रदान किया। इस दौरान भारत और त्रिनिदाद के बीच छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पीएम मोदी ने वहां की संसद को संबोधित किया और दोनों देशों ने फार्मास्यूटिकल, रक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
अर्जेंटीना में रणनीतिक साझेदारी
तीसरे पड़ाव के रूप में पीएम मोदी दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने राष्ट्रपति जेवियर माइली और कई प्रतिष्ठित फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को लेकर बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अर्जेंटीना 75 साल के राजनयिक संबंध और रणनीतिक साझेदारी के 5 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह मुलाकात व्यापार, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।
BRICS सम्मेलन और सर्वोच्च नागरिक सम्मान
5 से 8 जुलाई तक प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील में रहे, जहां उन्होंने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में वैश्विक शासन, शांति और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी की गई। इसके बाद ब्रासीलिया में पीएम मोदी की राजकीय यात्रा हुई, जहां उन्हें ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया। भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए।
अंतिम पड़ाव में नामीबिया पहुंचे PM मोदी
पीएम मोदी की यात्रा का अंतिम पड़ाव नामीबिया रहा। यह यात्रा भी ऐतिहासिक थी क्योंकि 27 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा थी। पीएम मोदी को वहां के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशियंट वेलविट्सचिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने राष्ट्रपति नेतुम्बो नांदी-न्डैटवाह से मुलाकात की और नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए लोकतंत्र, डिजिटल टेक्नोलॉजी और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत की वैश्विक कूटनीति को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा न सिर्फ राजनयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इससे भारत के साथ इन देशों के संबंधों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है। विभिन्न देशों द्वारा पीएम मोदी को दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान इस बात का प्रतीक हैं कि भारत की वैश्विक छवि किस हद तक मजबूत हो चुकी है। यह यात्रा वैश्विक दक्षिण (Global South) में भारत की भूमिका को और सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।



