नयी दिल्ली, 04 अप्रैल। राज्यसभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने के वैधानिक प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूर कर दिया है। इस दौरान सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने राज्य की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की¹।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जल्द दोनों समुदायों की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि मणिपुर हिंसा पर विपक्ष बस राजनीति कर रहा है। राज्यसभा में मणिपुर पर भाषण देते हुए अमित शाह ने कहा, ‘मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष बस राजनीति कर रहा है। मैं इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता।’
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर हिंसा की जांच की मांग की है। साथ ही केंद्र की मोदी सरकार से श्वेत पत्र जारी करने को कहा है। खड़गे ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताया और कहा कि मणिपुर में हुई हिंसा के कारणों और इससे जुड़े पक्षों का विस्तार से विश्लेषण होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को दोहराया ना जा सके।