Vedant Samachar

रिटायरमेंट के बाद 50 लाख खर्च कर खोल दी ई-लाइब्रेरी, मुफ्त में लाभ उठा रहे अनेक युवा

Vedant samachar
3 Min Read

रायपुर, 01 जनवरी (वेदांत समाचार)। रिटायरमेंट के बाद मुझे लगा कि समाज से जो कुछ हासिल किया है, उसे लौटाने का वक्त आ गया है।” यह कहना है नगर निगम रायपुर के सेवानिवृत्त अपर आयुक्त डॉ. जे.आर. सोनी का, जिन्होंने 72 वर्ष की उम्र में मानव सेवा की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है।

डॉ. सोनी ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 50 लाख रुपये की लागत से निशुल्क, अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी विकसित की है, जो आज सैकड़ों युवाओं के सपनों को आकार दे रही है।

1981-82 बैच के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. सोनी ने सेवानिवृत्ति के बाद संत बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश से प्रेरित होकर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, रायपुर की स्थापना की। अकादमी का संचालन न्यू राजेंद्र नगर स्थित सतनाम भवन से किया जा रहा है। अकादमी के अंतर्गत दो वर्ष पूर्व एयर कंडीशन्ड 50-सीटर हाईटेक ई-लाइब्रेरी की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेज, कंप्यूटर शिक्षा, करियर गाइडेंस और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

72 की उम्र में भी सेवा का जज्बा बरकरार

72 वर्ष की आयु में भी डॉ. जे.आर. सोनी का सेवा-भाव उतना ही सक्रिय है। वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक ई-लाइब्रेरी के संचालन में स्वयं उपस्थित रहकर योगदान दे रहे हैं। उनका जीवन उन नागरिकों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, जो मानव सेवा में अपना समय, संसाधन और जीवन समर्पित करने का संकल्प रखते हैं।

दो वर्षों में 200 से अधिक युवाओं को मिला लाभ

डॉ. सोनी के अनुसार, विद्यार्थी तीन बैचों में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक ई-लाइब्रेरी में अध्ययन करते हैं। समय-समय पर सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और करियर काउंसलरों द्वारा वर्कशॉप और मार्गदर्शन कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी परीक्षाओं की बेहतर समझ मिल सके। बीते दो वर्षों में 200 से अधिक युवाओं ने इस पहल का लाभउठाकर विभिन्न सरकारी नौकरियों और लोक सेवा परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।

10 हजार से अधिक पुस्तकें, फ्री वाई-फाई और 20 कंप्यूटर

लाइब्रेरी में अध्ययन कर रहे सिविल सर्विस अभ्यर्थी प्रतीक अग्रवाल और पीएचडी शोधार्थी सुमन घृतलहरे बताते हैं कि यहां यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शोध से संबंधित 10 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फ्री वाई-फाई, इंटरनेट सुविधा युक्त 20 कंप्यूटर सिस्टम भी छात्रों के लिए लगाए गए हैं। हर चार महीने में नवीन समसामयिक पुस्तकों को लाइब्रेरी में शामिल किया जाता है, वहीं जरूरत के अनुसार परीक्षार्थियों को तत्काल आवश्यक किताबें भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

Share This Article