चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन हो रहा है। इस सम्मेलन में दुनिया की बड़ी ताकतें जमा हुई हैं, जैसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। ये तीनों एससीओ के मंच पर एक साथ दिखे और बातचीत करते भी नजर आए।
शहबाज शरीफ का अकेलापन
पाकिस्तान भी एससीओ का सदस्य है, इसलिए वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस सम्मेलन में आए हैं। सोमवार को जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन बात करते हुए हॉल से गुज़र रहे थे, तब शहबाज शरीफ कोने में अकेले खड़े हुए थे। कोई उनसे बात नहीं कर रहा था, न ही कोई उनकी तरफ ध्यान दे रहा था। वो बस मोदी और पुतिन को घूरते हुए देखते रहे। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शी जिनपिंग का संबोधन और एससीओ की भूमिक
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में जबरदस्ती और दबाव जैसी चीजें ठीक नहीं हैं। उन्होंने एससीओ की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सदस्य देशों की कुल अर्थव्यवस्था लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है और चीन का निवेश 84 बिलियन डॉलर से ऊपर है।
शी ने सभी सदस्य देशों को दोस्त और साझेदार बताया और कहा कि सभी को एक-दूसरे के मतभेदों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोग और एकता से ही अलग-अलग संस्कृतियों में समृद्धि और शांति आ सकती है।



