रायगढ़, 26 मार्च, (वेदांत समाचार)। पुलिस मुख्यालय से साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग में लाये जा रहे मोबाइल सिम को लेकर POS एजेंट पर कार्यवाही करने के संबंध में दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं । निर्देशों के तारतम्य में रायगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड मामले में सफलता हासिल की है। रायगढ़ पुलिस ने साउथ ईस्ट एशिया के कंबोडिया में ट्रेडिंग फ्रॉड में इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड जारी करने वाले का पर्दाफाश किया गया है ।

पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में साइबर डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि मोबाइल नंबर 623221XXXX ग्राम मुनुन्द, थाना छाल के मुगली राठिया (24 वर्ष) के नाम पर पंजीकृत है। पूछताछ में मुगली राठिया ने स्पष्ट किया कि इस सिम का उपयोग उसके द्वारा नहीं किया जा रहा है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए साइबर टीम ने पता लगाया कि इस सिम कार्ड को ग्राम पुरंगा, थाना छाल के निवासी भूपेंद्र दास महंत (24 वर्ष) ने एक POS एजेंट के रूप में जारी किया था। भूपेंद्र दास महंत, जो जिओ और एयरटेल के लिए POS एजेंट के रूप में काम करता था, ने ग्राहकों के आधार कार्ड और थंब इम्प्रेशन का दुरुपयोग कर सिम कार्ड जारी किए और उन्हें अवैध रूप से साइबर ठगों को बेच दिया।
गहन पूछताछ में भूपेंद्र दास ने स्वीकार किया कि उसने अपने गांव की मुगली राठिया के नाम पर फर्जी सिम कार्ड जारी कर एक अज्ञात व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेच दिया था। इस सिम कार्ड का उपयोग कंबोडिया में साइबर ट्रेडिंग फ्रॉड में किया गया।
कानूनी कार्रवाई:
आरोपी भूपेंद्र दास महंत के खिलाफ थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 87/2025 के तहत धारा 318(2), 318(4) भारतीय न्याय संहिता और धारा 67(C) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
साइबर क्राइम पर रायगढ़ पुलिस की अपील:
पुलिस आम जनता से अपील करती है कि अपने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और अन्य संवेदनशील जानकारी को किसी अज्ञात व्यक्ति को न सौंपें। सिम कार्ड खरीदते समय केवल अधिकृत रिटेल काउंटर से ही सिम लें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
टीम की सराहनीय भूमिका:
इस पूरे प्रकरण में डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, निरीक्षक मोहन भारद्वाज और साइबर सेल एवं जूटमिल पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।