कोरबा, 25 मार्च । जिले के सीएसईबी चौक पर वाय शेप ओवरब्रिज के लिए फिर से सर्वे किया जाएगा। इस बार भी डिजाइन बदलने की तैयारी है। राज्य शासन ने बजट में फिर से शामिल किया है। सेतु निगम ने रेलवे से भी इसकी मंजूरी मांगी है। 18 साल से बन रही प्लानिंग अब आगे बढ़ सकती है। ट्रैफिक सर्वे में पाया है कि 24 घंटे के भीतर चौक से 24261 वाहन आवाजाही करते हैं। अब वाहनों की संख्या भी बढ़ सकती है।
सीएसईबी चौराहे पर वर्ष 2006-07 से ही फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने की प्लानिंग चल रही है। चौक से आगे श्यामा प्रसाद मुखर्जी पावर प्लांट है। प्लांट के लिए कोयला परिवहन करने सड़क को काटकर रेलवे लाइन बिछाई गई है। सड़क को काटने इसी शर्त पर अनुमति दी गई थी कि यहां पर ओवरब्रिज बनाया जाएगा। रोज सुबह-शाम फाटक बंद होने पर लोग परेशान होते हैं। 18 साल में पांच बार सर्वे हो चुका है, लेकिन ड्राइंग-डिजाइन पर लगातार आपत्ति की वजह से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। हर बार बजट में इसे भी शामिल करते रहे। एक साल पहले ही पीडब्ल्यूडी सेतु निगम ने नए सिरे से सर्वे कर प्लानिंग की। इसके लिए ट्रैफिक सर्वे भी कराया। इससे ही पता चला कि मार्ग पर 24 घंटे में 24261 वाहनों की आवाजाही होती है। इसमें 1193 भारी वाहन थे। अब भी कोयला और राखड़ के साथ ही रेत का परिवहन मुख्य मार्ग से होकर किया जाता है। समय के साथ ही यातायात का भी दबाव बढ़ रहा है। सर्वे से जो प्लानिंग बनी थी, अब उसमें संशोधन किया जाएगा। सेतु निगम ने इसके लिए रेलवे से भी अनुमति मांगी है। एनओसी की प्रक्रिया पहले पूरी की जाएगी। इसके बाद ही फंड के लिए सेंट्रल रोड फंड को प्रस्ताव भेजेंगे।
सर्वे में 2.70 किमी थी लंबाई और 13 मीटर की चौड़ाई, बढ़ेगी लंबाई ओवरब्रिज की जो ड्राइंग-डिजाइन तय की गई थी, उसके मुताबिक लंबाई 2.70 किलोमीटर रखी थी। चौड़ाई 13 मीटर निर्धारित थी। अब इसकी लंबाई कम करने की तैयारी है। इसके साथ ही अब वाय शेप के स्थान पर 4 स्थानों पर चढ़ने की सुविधा दी जाएगी। इससे शहर की ओर आने वाले लोगों को टीपी नगर बायपास की ओर जाना नहीं पड़ेगा।
डिजाइन में कुछ संशोधन संभव रेलवे से मांगी गई है मंजूरी: जैन ^पीडब्ल्यूडी सेतु निगम के एसडीओ एके जैन का कहना है कि डिजाइन में कुछ संशोधन संभव है। सर्वे के साथ सभी प्रकिया पहले ही पूरी कर ली गई है। रेलवे से मंजूरी मांगी गई है। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व फंड को डीपीआर भेजा जाएगा।
मकान और निजी जमीन का अधिग्रहण करने जरूरत नहीं इसकी डिजाइन इस तरह निर्धारित की गई है, जिसमें निजी जमीन और मकान अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। सबसे बड़ी समस्या जमीन की ही रहती है। इसकी वजह से ही सेतु निगम ने नगर निगम की जमीन का ही सर्वे किया है। सरकारी विभागों से मंजूरी लेने में कोई समस्या भी नहीं होती है।
बुधवारी की ओर लंबाई घटेगी तो एक छोर से मुख्य मार्ग पर उतरने की सुविधा ओवरब्रिज का एक छोर घंटाघर मुख्य मार्ग पर गर्ल्स कॉलेज के पास से शुरू करने की तैयारी थी। अब बुधवारी बाजार के पास से शुरू करने की तैयारी है। दूसरा छोर अशोक वाटिका टीपी नगर के साथ ही मुख्य मार्ग पर भी होगा। इसके साथ ही दर्री मार्ग पर अप्पू गार्डन के पास से लोग ओवर ब्रिज की सुविधा ले सकेंगे। दोनों और सर्विस रोड भी रहेगी। इससे लोगों को कॉलोनी की ओर जाने समस्या नहीं होगी।