कोरबा,13 जनवरी(वेदांत समाचार) | मेडिकल कॉलेज न्यूज़ कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की डाइट सर्विस (Hospital Diet Service) से जुड़ा करीब 2 करोड़ रुपये का टेंडर गंभीर विवादों में घिर गया है। आरोप है कि GeM Portal Tender प्रक्रिया को केवल औपचारिकता बनाकर मनपसंद ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की तैयारी की गई है।
GeM Portal पर डाइट टेंडर को लेकर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज डाइट सर्विस के नाम से GeM पोर्टल टेंडर नंबर 2025/B/7048823 अपलोड किया गया है। यह कार्य पिछले दो वर्षों से एक्सटेंशन पर चल रहा था, लेकिन नए टेंडर में पारदर्शिता के बजाय नियमों के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।
मीटिंग की सूचना ऐन वक्त पर जारी
सूत्रों के मुताबिक, 8 जनवरी को इस टेंडर को लेकर प्राइवेट मीटिंग पहले ही हो चुकी थी, जबकि आधिकारिक बैठक की सूचना 12 जनवरी को शाम 5:29 बजे जारी की गई। इससे अन्य इच्छुक एजेंसियों को प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं मिल सका।
नोडल अधिकारी पर नियमों से छेड़छाड़ के आरोप
सूत्रों का दावा है कि मेडिकल कॉलेज के एक चर्चित नोडल अधिकारी ने टेंडर की शर्तों में ऐसे प्रावधान जोड़े हैं, जिससे केवल एक विशेष ठेकेदार ही योग्य ठहरता है। इससे प्रतिस्पर्धा समाप्त हो गई और पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया।

पहले भी विवादों में रहा मेडिकल कॉलेज
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में क्लीनिंग और सिक्योरिटी टेंडर लंबे समय तक एक्सटेंशन पर चलते रहे, जिनमें भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब डाइट टेंडर को लेकर भी वही पैटर्न दोहराए जाने के आरोप हैं।
GeM Portal बना भ्रष्टाचार का जरिया?
जिस जेम पोर्टल को सरकार ने पारदर्शिता के लिए लागू किया था, उसी पोर्टल को कथित रूप से भ्रष्टाचार का माध्यम बना लिया गया है। टेंडर प्रक्रिया में जल्दबाजी और चयनात्मक नियमों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस Korba Medical College Tender Scam की जांच कराएगा, या फिर करोड़ों रुपये का यह ठेका बिना प्रतिस्पर्धा के सौंप दिया जाएगा।



