कोरबा-पाली, 03 जनवरी (वेदांत समाचार)। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां आज अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत छोटे से गांव दादर से सामने आया है, जहां एक गरीब किसान की बेटी ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयनित होकर पूरे गांव को गौरवान्वित कर दिया है।
पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम लाफा के आश्रित ग्राम दादर निवासी छोटे कृषक सुखीदास और गृहणी रामबाई की तीसरी पुत्री प्रभा महंत ने यह उपलब्धि हासिल की है। प्रभा के पिता किसानी के साथ-साथ मिस्त्री का काम भी करते हैं। 22 वर्षीय प्रभा ने बचपन से ही गरीबी और संघर्ष को बेहद करीब से देखा, लेकिन कभी हालातों के सामने हार नहीं मानी। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने निरंतर मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन के साथ पढ़ाई जारी रखी और अपने सपने को साकार करने में जुटी रही।
प्रभा ने पश्चिम बंगाल में बीएसएफ का कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। जब वह प्रशिक्षण के बाद अपने गांव लौटी तो पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और बधाइयां देकर उसका भव्य स्वागत किया। गांव से लेकर पाली क्षेत्र तक प्रभा की सफलता की चर्चा हर जुबां पर रही।
अपनी सफलता पर प्रभा ने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद, उनका निरंतर सहयोग और खुद की कड़ी मेहनत व दृढ़ संकल्प ही उसकी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। गरीबी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उसने कभी हार नहीं मानी और आज अपने सपने को पूरा करने में सफल रही।
पिता सुखीदास ने बताया कि प्रभा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही है और खेलकूद गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनकी बेटी एक दिन जरूर परिवार और गांव का नाम रोशन करेगी, जो आज सच साबित हुआ है। यह उपलब्धि न केवल दादर गांव बल्कि पूरे पाली क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
प्रभा की यह सफलता उन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को छोड़ने का मन बना लेते हैं। यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत के साथ संसाधनों की कमी के बावजूद भी सफलता हासिल की जा सकती है।



