मुंबई,25 मार्च 2025: भारत समय के साथ आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है. देश में उद्योग पर खासा फोकस किया गया है और पीएम मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं. इसी के चलते हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जो बताती है कि समय के साथ कैसे भारत के उद्योग में ग्रोथ दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, नमक की फैक्ट्री में साल 2022- 23 के बीच 20.84% की ग्रोथ दर्ज की गई है. फर्नीचर में 10.64% और वेस्ट कलेक्शन की फैक्ट्रियों में 16.92% की बढ़त दर्ज की गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मार्च 2025 को इंडस्ट्री की ग्रोथ को लेकर बात की थी. पीएम ने कहा था कि मैं उद्योग जगत से आत्मविश्वास के साथ मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में बड़े कदम उठाने के लिए कहता हूं. साथ ही उन्होंने आगे कहा था कि सरकार इंडस्ट्री के इस कदम के लिए नीतियों के जरिए समर्थन करेगी. देश के प्रधानमंत्री के यह शब्द बताते हैं कि भारत का फोकस किस तरह इंडस्ट्री पर शिफ्ट हो गया है और इनके महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा और कदम बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है.
भारत में फल-फूल रहे उद्योग
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए उद्योगों के वार्षिक सर्वे (ASI) के परिणामों को सामने रखा है, इस रिपोर्ट में अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के पीरियड को कवर किया गया है. यह रिपोर्ट बताती है कि समय के साथ कैसे कई अलग-अलग सेक्टर में फैक्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
भारत में लोगों को उद्योग की तरफ आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही महिलाओं को भी बिजनेस और उद्योग की तरफ आकर्षित करने के लिए लखपति दीदी जैसी कई योजनाएं चल रही हैं. इसी के साथ छात्रों को भी स्कूल के लेवल से ही बिजनेस की तरफ ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
भारत में बढ़ी फैक्ट्रियों की संख्या
दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत है. इस देश को युवा देश कहा जाता है क्योंकि यहां युवाओं की तादाद ज्यादा है. जितने युवा हैं, उन्हें उतनी ही काम की तलाश है. यह ही वजह है कि भारत अब अपनी आबादी को देश की ग्रोथ में लगा रहा है. जिसके परिणाम फैक्ट्रियों की बढ़ती संख्या से देखने के लिए मिल रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2013- 14 में देश में 2 लाख 24 हजार 576 फैक्ट्रियां मौजूद थीं. वहीं, 2022-23 में देश में फैक्ट्रियों की तादाद बढ़कर 2 लाख 53 हजार 334 हो गई. ग्रोथ रेट की बात करें तो फैक्ट्रियों की तादादा में 12% की बढ़त दर्ज की गई है.
फैक्ट्रियों में रॉकेट की स्पीड से उछाल
भारत में छोटी से लेकर बड़ी कई चीजों के लिए फैक्ट्रियां डाली गई हैं. लोग छोटे से लेकर बड़ा व्यापार कर रहे हैं. वहीं, रिपोर्ट की तरफ देखे तो 2022- 23 में नमक, फर्नीचर और वेस्ट कलेक्शन की फैक्ट्रियां रॉकेट की स्पीड से उछाल दर्ज कर रही हैं, लेकिन सिर्फ यह ही नहीं बल्कि इन के अलावा भी कई ऐसी फैक्ट्रियां हैं जो देश की अर्थव्यवस्था में अहम रोल निभा रही हैं. चलिए इसी बीच जानते हैं वो कौनसे उद्योग हैं जो देश की तरक्की में अहम रोल निभा रहे हैं और फल फूल रहे हैं.
फैक्ट्री | ASI 2022-23 | ग्रोथ रेट | |
कपास, सफाई और बेलना,प्रोपेगेशन के लिए बीज | 83,315 | 7.97 | |
नमक | 7,928 | 20.84 | |
फूड प्रोडक्ट्स | 21,16,320 | 11.24 | |
बेवरेज | 1,80,334 | 8.91 | |
तंबाकू प्रोडक्ट्स | 4,35,988 | 4.16 | |
कपड़ा | 17,22,672 | 3.79 | |
पहनने वाला कपड़ा | 13,20,172 | 11.82 | |
लेदर और प्रोडक्ट्स | 4,07,753 | 6.01 | |
लकड़ी | 1,05,575 | 10.64 | |
कागज और कागज उत्पाद | 3,50,482 | 7.95 | |
प्रिंटिंग | 1,55,178 | 13.25 | |
कोक और पेट्रोलियम उत्पाद | 1,68,852 | 6.20 | |
केमिकल | 10,58,217 | 3.10 | |
दवा | 9,25,811 | 3.75 | |
प्लास्टिक प्रोडक्ट | 9,48,210 | 0.58 | |
खनिज प्रोडक्ट | 10,49,399 | 1.18 | |
खनिज | 14,11,577 | 11.01 | |
निर्मित धातु उत्पाद | 7,77,563 | 10.20 | |
इलेक्ट्रॉनिक | 4,25,174 | 10.51 | |
मोटर वाहन | 12,64,272 | 7.57 | |
फर्नीचर | 1,29,801 | 17.06 | |
वेस्ट कलेक्शन | 32,977 | 16.92 | |
बाकी इंडस्ट्री | 5,27,317 | 4.82 |
इंडस्ट्री जगत का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर होता है. इसी के चलते पीएम ने भारत को “दुनिया का विकास इंजन” करार देते हुए उद्योग जगत से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने के लिए कहा था. अब इसी के नतीजे सामने आ रहे हैं जो बता रहे हैं कि भारत कैसे कामयाबी के मार्ग पर आगे बढ़ता जा रहा है.