Vedant Samachar

जांजगीर-चाम्पा पुलिस की पहल ‘ऑपरेशन उपहार’ ने दिया बड़ा परिणाम, आदिवासी गोंड़ समाज ने शुरू किया स्वरोजगार का नया सफर

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जांजगीर-चाम्पा,19नवंबर (वेदांत समाचार) । जिले में नशा मुक्ति अभियान को एक नई दिशा देते हुए ‘ऑपरेशन उपहार’ के तहत जांजगीर-चाम्पा पुलिस और प्रशासन ने आदिवासी गोंड़ समाज को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने की महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में समाज के लोगों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न घरेलू उत्पादों को “विजय श्री फाउंडेशन” के नाम से लॉन्च किया गया।

पामगढ़ स्थित सद्भावना भवन में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने विजय श्री फाउंडेशन के उत्पादों का विधिवत शुभारंभ किया। ‘विजय श्री’ नाम नशे पर जीत और बेहतर भविष्य की प्रेरणा का प्रतीक बताया गया।

10 गांवों के 300 से अधिक आदिवासी लोग हुए शामिल

नशामुक्ति और स्वरोजगार को जोड़ते हुए आयोजित इस बड़े समारोह में जिले के 10 गांव—बनारी, मुलमुला, कुटीघाट, सेमरिया, कमरीद, देवरी, खोरसी, कटौद, कोसा, बनाहिल और कोटमीसोनार—से लगभग 300 लोग शामिल हुए। समाज प्रमुख शिव गोड़ भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

सरकारी विभागों—कृषि, पशुपालन, रेशम, उद्यानिकी, जिला पंचायत (बिहान) और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर समाज को प्रशिक्षण, योजनाओं और सहयोग के अवसरों की जानकारी दी। स्टेट बैंक ने सभी गांवों में बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री का पैसा सीधे मिल सके और उनका व्यवसाय सुव्यवस्थित रूप से विकसित हो सके।

उत्पाद निर्माण की रातभर चली ट्रेनिंग

कार्यक्रम से एक दिन पूर्व 18 नवंबर की शाम से ही आदिवासी समाज के लोग पामगढ़ पहुंच चुके थे। समाज के युवा उद्यमी श्रवण गोड़ ने देर रात तक प्रशिक्षण देकर विभिन्न उत्पाद—ग्लास क्लीनर, कार परफ्यूम, टॉयलेट क्लीनर आदि—तैयार करवाए। इन सभी उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे कलेक्टर, एसपी और मौजूद सभी लोगों ने सराहा। मौके पर ही कई व्यापारियों ने उत्पादों की खरीदी की, जिससे समाज के लोगों में उत्साह दिखाई दिया।

समाज की बेटी हीना गोड़ा ने छुआ सबके दिल

समारोह में समाज की बेटी हीना गोड़ा ने अंग्रेजी भाषा में एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उसने बताया कि गांवों में शराब बनाने की वजह से उसे स्कूल और समाज में कई बार अपमान झेलना पड़ा। उसने समझाया कि कैसे नशे की कुरीतियों से बाहर निकलकर समाज आगे बढ़ सकता है। हीना की प्रस्तुति से कलेक्टर, एसपी से लेकर सभी अधिकारी और समाजजन प्रभावित हुए। हीना वर्तमान में NEET की तैयारी कर रही है और समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।

पुलिस और समाज की संयुक्त पहल बनी मिसाल

‘ऑपरेशन उपहार’ के तहत पुलिस और समाज की इस साझी पहल ने नशा मुक्ति अभियान को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर स्वरोजगार से जोड़कर एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे आदिवासी गोंड़ समाज में आत्मनिर्भरता की मजबूत शुरुआत हुई है।

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