Vedant Samachar

क्या 500 रुपए का नोट हो रहा है बंद, सरकार ने किया क्लीयर

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क्या देश का बैंकिंग रेगुलेटर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देश की सरकार के साथ मिलकर एक बार फिर से नोटबंदी करने जा रहे हैं? क्या सरकार और आरबीआई मि​लकर करीब एक दशक के बाद नोटबंदी 2.0 की तैयारी कर रही है? क्या देश में 500 रुपए के नोट गायब होने वाले हैं? क्या देश से 500 रुपए के नोटों का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म होने जा रहा है? ये वो सवाल हैं, जो देश की सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं और आम लोगों को परेशान कर रहे हैं. बीते कुछ समय से 500 रुपए के नोटों बंद करने की खबरें सामने आ रही हैं.

साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि सरकार देश के करेंसी सिस्टम में 100 रुपए का नोट ही सबसे बड़े नोट के रूप में रखेगी. जब से ऐसी बातें सोशल मीडिया में आई हैं. तब से आम लोगों को 10 साल पुरानी नोटबंदी और उस दौरान की परेशा​नी याद आनी शुरू हो गई है. अब जाकर देश की सरकार ने इस खबर पर अपना रुख स्पष्ट किया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से 500 रुपए के नोटों को बंद ​करने को लेकर क्या कहा है?

पीआईबी के फैक्टचेक में सामने आई सच्चाई
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार 500 रुपए के नोटों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है. पीआईबी फैक्ट चेक ने इस जानकारी को “फर्जी” बताया है. पीआईबी फैक्ट चेक ने X पर एक पोस्ट में कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार 500 रुपए के नोटों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है… यह दावा #फर्जी है. पीआईबी ने आगे स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. फैक्ट चेक इकाई ने भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया.

पीआईबी ने किया सतर्क
पीआईबी ने जनता से आग्रह किया कि वे सरकारी पॉलिसीज और फैसलों से संबंधित सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. पीआईबी फैक्ट चेक ने X पर अपनी पोस्ट में कहा कि फाइनेंशियल पॉलिसीज और फैसलों से संबंधित प्रामाणिक जानकारी के लिए, केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट रेगुलरली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जाने वाली झूठी सूचनाओं का पर्दाफाश करती है, जो अक्सर सरकार की छवि खराब करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाई जाती हैं.

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