नई दिल्ली,05 सितम्बर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और सिंगापुर के बीच साझेदारी को परस्पर हितों, शांति, प्रगति और समृद्धि के साझा दृष्टिकोण से प्रेरित बताते हुए इसे विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए एक व्यापक रोड मैप तैयार किया है। दोनों देशों ने परस्पर सहयोग को पारंपरिक क्षेत्र से आगे जाकर कई अन्य क्षेत्रों तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
मोदी ने भारत यात्र पर आए सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरैंस वांग के साथ वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री वांग की यात्र और भी विशेष है, क्योंकि इस वर्ष हम अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उनकी सिंगापुर यात्र के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। मोदी ने कहा कि इस एक वर्ष में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग में गति और गहराई आई है। उन्होंने कहा, ‘आज, साउथ ईस्ट एशिया क्षेत्र में, सिंगापुर हमारा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। सिंगापुर से भारत में बड़े स्तर पर निवेश हुआ है। आज हमने अपनी पार्टनरशिप के भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के अनुरूप, उन्नत विनिर्माण, ग्रीन शिपिंग, कौशल विकास, सिविल न्यूक्लियर और शहरी जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र भी हमारे सहयोग के केंद्र बिंदू बनेंगे। दोनों प्रधानमंत्री की वार्ता के बाद दोनों देशों ने विमानन, अंतरिक्ष और कौशल विकास के क्षेत्र में 3 समझौता ज्ञापनों पर भी
हस्ताक्षर किए।



