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बिलासपुर: ‘गुपचुप’ में विराजीं माता 5 लाख गुपचुप चौकी-बेलन झारा-कढ़ाई से सजा पंडाल रांची के पागलखाने की भी झांकी

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बिलासपुर,29 सितम्बर (वेदांत समाचार) । न्यायधानी में दुर्गोत्सव की धूम है। यहां सेलिब्रिटिज के साथ गरबा-डांडिया शो के बाद आकर्षक पंडाल और झांकियां देखने के लिए भारी भीड़ जुट रही है। मसानगंज के नवयुवक दुर्गोत्सव समिति ने हर साल की तरह इस बार भी सबसे अलग गुपचुप थीम पर पंडाल सजाया है, जिसमें देवी मां गुपचुप में विराजित हैं। वहीं, 5 लाख गुपचुप, चौकी-बेलन और कढ़ाई-झारा से पंडाल सजाया गया है। रेलवे परिक्षेत्र के कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में रांची मेंटल हॉस्पिटल थीम का आकर्षक पंडाल बना है।

नवरात्र पर्व के छठवें दिन से बिलासपुर में उत्सव का माहौल शुरू हो गया है। हालांकि, यहां प्रदेश के सबसे बड़े पंडाल आदर्श दुर्गोत्सव समिति गोंड़पारा में पहले दिन से मेला लग रहा है। रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु 25 फीट ऊंची देवी प्रतिमा का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति ने इस आयोजन की भव्यता का प्रचार-प्रसार एक महीने से किया, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ में इसकी खूब चर्चा है।

यही वजह है कि जिले के साथ ही प्रदेश भर से लोग इसकी भव्यता को देखने पहुंच रहे हैं। रविवार को नवरात्र पर्व पर सड़कों पर भीड़ का रेला लग गया। हर जगह जाम की स्थिति बनी रही। यातायात व्यवस्था बनाने में पुलिस के पसीने छूट गए। दोपहर से लेकर रात 3 बजे तक गोंड़पारा स्थित पंडाल में भीड़ लगी रही।

शहर में नवरात्र पर्व पर हर साल तीन दिनों के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है, जिसमें आकर्षक लाइटिंग और झांकियां सजाई जाती है, जिसे देखने के लिए शहर के साथ ही जिले भर से लोग पहुंचते हैं। रविवार से यह उत्सव शुरू हो गया है। हर जगह चौक-चौक चौराहों पर दुर्गा पंडाल में देवी प्रतिमा की स्थापना की गई है। शहर में इस तरह से 500 से अधिक दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं।

मसानगंज स्थित नवयुवक दुर्गोत्सव ‎समिति हर साल नए-नए थीम पर पंडाल की सजावट कर देवी मां की प्रतिमा स्थापित करता है। पिछले साल चॉकलेट से पंडाल सजाया गया था। समिति का 57वां वर्ष है। लिहाजा, शहर के सभी पंडालों से हटकर यहां गुपचुप थीम पर पंडाल सजाया गया है।

जहां गुपचुप पर देवी मां विराजित हैं। 5 लाख गुपचुप का पंडाल बनाया गया है। पंडाल के अंदर गुपचुप पर मां अंबे के साथ भगवान गणेश और कार्तिकेय विराजमान हैं। आयोजकों ने बताया कि कोलकाता में इस थीम पर सजे पंडाल को देखकर यहां भी प्रयोग किया है, जो लोगों के लिए एकदम नया है।

गोलबाजार के नवयुवक दुर्गोत्सव समिति पिछले 63 साल से नवरात्र पर्व मना रहा है। इस बार यहां सोलह श्रृंगार की सामग्री से मां का पंडाल को सजाया गया है, जो लोगों को आकर्षित कर रहा है। पंडाल में दुर्गा मां की 15 फीट की श्रृंगारिक मूर्ति स्थापित की गई है।

देवी स्थापना के पहले उज्जैन के डमरू, रायपुर की स्केटिंग रंगोली, मेरठ से मां काली, राधा–कृष्ण और भगवान शंकर की झांकी के साथ 501 दीपों से मां की आरती की गई। इस दौरान आतिशबाजी और लाइट शो भी हुआ।

रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में दुर्गोत्सव समिति ने रांची के पागलखाने की थीम पर पंडाल बनाया है। समिति का यह 67वां वर्ष है। हर साल की तरह इस साल भी यहां भक्तों को नया नजारा देखने को मिल रहा है। मेंटल हॉस्पिटल थीम पर आधारित इस बार की झांकी में वहां के जीवन से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं। जिसमें मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के संघर्ष और उनकी जीवनशैली को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। 22 कलाकार अलग-अलग तरह से किरदार निभा रहे हैं।

नवरात्र पर्व के षष्ठी तिथि पर रविवार को भक्ति और आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला। गोंड़पारा क्षेत्र की महिलाओं ने माता की पूजा-अर्चना कर विशाल चुनरी यात्रा निकाली। इस दौरान महिलाओं ने 1451 फीट लंबी चुनरी माता को समर्पित की।

यह चुनरी यात्रा गोंड़पारा स्थित दुर्गा पंडाल से शुरू होकर हरदेव लाल मंदिर पहुंची। जय माता दी की जयकारों के साथ भक्तिमय माहौल में इस यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें 500 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूल और नारियल चढ़ाकर चुनरी यात्रा का स्वागत किया।

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