Vedant Samachar

पोस्ट ऑफिस के PPF या इन स्कीम्स में जमा करते हैं पैसा तो आपके लिए जरूरी है ये खबर

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अगर आपने पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं जैसे कि PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), NSC (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट), SCSS (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम) या सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश किया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

सरकार हर तिमाही में इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है. अब अगली समीक्षा 30 सितंबर, 2025 को होने जा रही है, और अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही के लिए ब्याज दरों की घोषणा जल्द की जा सकती है. ET की एक रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार ब्याज दरों में कटौती की पूरी संभावना है.

क्यों घट सकती हैं ब्याज दरें?
इस साल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने तीन बार रेपो रेट में कटौती की है. साल की शुरुआत में रेपो रेट 6.50% थी, जो अब घटकर 5.50% तक आ चुकी है. रेपो रेट घटने का सीधा असर बैंकों की FD दरों और सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर पड़ता है.

इसके अलावा, सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड यानी रिटर्न भी इस साल कम हुआ है. उदाहरण के लिए, 10 साल की सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड जनवरी में 6.779% थी, जो अब घटकर 6.483% हो गई है. ET की एक रिपोर्ट में बताया गया कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें इन बॉन्ड्स के रिटर्न से जुड़ी होती हैं. यानी जब बॉन्ड यील्ड घटती है, तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ जाती है.

अभी की ब्याज दरें क्या हैं?
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही के लिए कुछ प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:

NSC और SCSS में ब्याज दर निश्चित
पोस्ट ऑफिस की कुछ योजनाएं जैसे NSC और SCSS में ब्याज दर निश्चित होती है, यानी आपने जिस दर पर निवेश किया है, वो पूरे लॉक-इन पीरियड के लिए फिक्स हो जाती है. उदाहरण के लिए, अगर आपने SCSS में अभी निवेश किया और ब्याज दर 8.2% है, तो अगले 5 साल तक आपको यही दर मिलेगी, भले ही बाद में कटौती हो जाए. दूसरी ओर, RD और सेविंग अकाउंट जैसी योजनाओं में दरें समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए उनमें निवेश करते समय थोड़ा सोच-विचार करना चाहिए.

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